जारी आदेश में कहा गया है कि इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के लिए आपातकालीन पंजीकरण पत्र केवल रोगी की जांच कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर (सीएमओ) द्वारा किए जाने के बाद ही किया जाता है। लेकिन अब एम्स इमरजेंसी में आने वाले सभी रोगियों का पंजीकरण आगमन पर परीक्षण के तुरंत बाद किया जाएगा। पर्ची बनाने में लंबी लाइन को खत्म करने के लिए आभा आईडी सुविधा का विस्तार किया जाएगा।
सेवाओं के मूल्य की होगी समीक्षा
एम्स में आने वाले व भर्ती सभी मरीज को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबीपीएमजेएवाई) की दर पर सेवाएं दी जाएंगी। इसे लेकर निदेशक ने आदेश जारी किया हैं। आदेश में कहा गया हैं कि योजना में पंजीकृत मरीजों को मुफ्त सुविधाएं दी जाती हैं, जबकि अन्य मरीजों के लिए कोई लेखा-जोखा नहीं है।
ऐसे में निर्णय लिया गया है कि लागू एबीपीएमजेएवाई दरों के आधार पर समवर्ती कल्पित लागत डे केयर रोगियों सहित सभी आंतरिक रोगियों को सुविधा दी जाएगी। एम्स में विभागवार आधार पर नैदानिक सेवाएं प्रदान करने की कल्पित लागत की मात्रा निर्धारित करने के लिए इन लागतों का मासिक विश्लेषण किया जाएगा।
यह शैक्षणिक अभ्यास विभिन्न विभागों के प्रदर्शन को वस्तुनिष्ठ तरीके से मापने में मदद करेगा और विभिन्न विभागों के बीच बजट के अधिक वैज्ञानिक विभाजन में भी मदद करेगा। इसके अलावा यह विभिन्न प्रकार की बीमारियों पर खर्च किए गए संसाधनों और बजट की मात्रा निर्धारित करने में सक्षम होगा।