- एम्स का संदेश प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें स्वस्थ आहार, नियमित व्यायाम और जीवनशैली से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर जोर दिया गया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने बृहस्पतिवार को अपने 70वें स्थापना दिवस को समारोह के साथ मनाया। इस अवसर पर स्वस्थ जीवनशैली: एम्स का संदेश नामक एक प्रदर्शनी आयोजित की गई, जिसमें स्वस्थ आहार, नियमित व्यायाम और जीवनशैली से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर जोर दिया गया। प्रदर्शनी का उद्देश्य आम जनता को स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना और जागरूकता फैलाना था। समारोह के मुख्य अतिथि नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) प्रो. विनोद के. पॉल ने प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया (पीएचएफआई) के संस्थापक, पूर्व अध्यक्ष और एम्स के कार्डियोलॉजी विभाग के पूर्व प्रमुख प्रोफेसर के. श्रीनाथ रेड्डी ने स्थापना दिवस का व्याख्यान प्रस्तुत किया, जिसका विषय जटिल परिवेश में स्वास्थ्य अनुसंधान को प्रासंगिक और वास्तविक बनाना था।
मुख्य अतिथि प्रो. वीके पॉल ने एम्स की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि एम्स न केवल एक अस्पताल या विश्वविद्यालय है, बल्कि यह आशा और नवाचार का प्रतीक है। वहीं, प्रो. रेड्डी ने एम्स की पिछले वर्ष की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एम्स ने एआई-संचालित स्वास्थ्य सेवा, रोबोटिक सर्जरी और रीयल-टाइम सार्वजनिक डैशबोर्ड जैसे नवाचारों के साथ रोगी देखभाल में नए आयाम स्थापित किए है।
एम्स की प्रगति, डिजिटल परिवर्तन की ओर अग्रसर
प्रो. रेड्डी ने बताया कि लगातार सातवें वर्ष भारत के शीर्ष चिकित्सा संस्थान के रूप में रैंकिंग प्राप्त करने वाला एम्स, शिक्षा और अनुसंधान में अपनी उत्कृष्टता को बनाए रखे हुए है। इस वर्ष, सहायक प्राध्यापकों के 261 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है, जो संस्थान की शैक्षणिक क्षमता को और सुदृढ़ करेगी। इस अवसर पर एम्स के पूर्व छात्र निर्देशिका (1986-2024) का विमोचन किया गया, जो संस्थान के विशाल नेटवर्क और योगदान को दर्शाता है। समारोह का समापन एक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ हुआ, जिसमें छात्रों और कर्मचारियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।