रोग को नियंत्रित रखने के लिए सुझाव
- शराब और धूम्रपान से बचें
- योग और व्यायाम करें
- समय पर दवा लें
- स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं
- संतुलित आहार पर ध्यान दें
- सुरक्षित यौन संबंध
एड्स होने के मुख्य कारण
- संक्रमित सुइयों का इस्तेमाल
- असुरक्षित यौन संबंध
- मातृ से बच्चे में संक्रमण
- संक्रमित अंगों का प्रत्यारोपण
- संक्रमित चिकित्सा उपकरणों के उपयोग से फैलता है।
एचआईवी और एड्स (पीएंडसी) अधिनियम
भारत में एचआईवी और एड्स से प्रभावित लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए 10 सितंबर, 2018 को एचआईवी और एड्स (पीएंडसी) अधिनियम, 2017 लागू किया गया। यह कानून स्टिग्मा और भेदभाव दूर करता है, संक्रमित, प्रभावित लोगों को कानूनी सुरक्षा देता है। उन्हें इलाज, डायग्नोस्टिक सुविधाएं और एआरटी जैसी सेवाओं तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करता है। अधिनियम शिकायत निवारण प्रणाली भी प्रदान करता है ताकि किसी समस्या का तुरंत समाधान किया जा सके।
एक समय मां से बच्चे को संक्रमण होने की दर करीब 40% थी लेकिन दवाओं में सुधार और इलाज की तकनीक में बदलाव से इसे शून्य तक लाया जा सका है। मौजूदा समय में राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल में लगभग 5,000 मरीज मुफ्त इलाज का फायदा उठा रहे हैं। -डॉ. अतुल आनंद (सीनियर मेडिकल ऑफिसर, एआरटी क्लीनिक, मेडिसिन विभाग, आरएमएल अस्पताल)