बिना छुए ही अब एआई के जरिये महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती लक्षण पता चल जाएगा। आसानी से और समय से बीमारी का पता चलते ही इलाज शुरू होने से इस कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, हर 12 में से 1 महिला को जीवनकाल में ब्रेस्ट असामान्यता का जोखिम रहता है। कैंसर से जान गंवाने वाली अधिकतर महिलाओं की जान ब्रेस्ट कैंसर से जाती है।
कैसे काम करती है यह तकनीक?
इस सिस्टम में हाई-रिजॉल्यूशन थर्मल सेंसिंग डिवाइस का उपयोग होता है, जो सीने के लगभग 4 लाख तापमान बिंदुओं का डेटा कैप्चर करता है। इसका एआई एल्गोरिद्म, सूक्ष्म तापमान बदलाव पहचानते हैं, असामान्य रक्त वाहिकाओं के पैटर्न का पता लगाते हैं, हिट सिग्नेचर में असामान्यता ढूंढते हैं, और एक मात्रात्मक ब्रेस्ट हेल्थ स्कोर तैयार करते हैं। वहीं, इसकी तापमान संवेदनशीलता 0.02°C तक है, जो पारंपरिक थर्मल इमेज (लगभग 1°C संवेदनशीलता) से 50 गुना अधिक सूक्ष्म मानी जा रही है। इससे शुरुआती चरण की असामान्यता भी पकड़ी जा सकती है, जब वह अन्य इमेजिंग में स्पष्ट न हो।
क्या कहती हैं क्लिनिकल स्टडीज?