कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस-वे के शुरू होने के साथ ही साइबर सिटी और दिल्ली में ट्रैफिक का दबाव कम हो जाएगा। रेवाड़ी या जयपुर से पलवल, मथुरा, आगरा जाने वाले इस रास्ते पर सफर करेंगे, जिससे दूरी के साथ समय की बचत होगी। गाडिय़ों के शहर में प्रवेश नहीं होने से ट्रैफिक के दबाव के साथ शहर की आबोहवा में प्रदूषण का स्तर कम होने की संभावना है।
इससे गुडग़ांव पुलिस को भी थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। बता दें कि मंगलवार को केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग व जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने पलवल से 52.33 किलोमीटर लंबे मानेसर-पलवल भाग की शुरुआत की। केएमपी एक्सप्रेसवे के शुरू होने के साथ ही यह मार्ग एनएच-8(दिल्ली-जयपुर) और एनएच-2 (दिल्ली-आगरा) से जुड़ गया है।
इसके अलावा पलवल-सोहना-रेवाड़ी रोड, गुडग़ांव-नूंह-अलवर रोड से भी यह जुड़ गया है। इन सड़कों से एक्सप्रेस-वे पर चढ़ भी सकते हैं और उतर भी सकते हैं। एक्सप्रेस वे यह फायदा होगा कि जयपुर से दिल्ली के रास्ते पलवल जाने के लिए जो 120 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी। वह अब आधी से भी कम रह जाएगी। यानि की दूरी भी कम, समय भी कम और ईंधन खर्च भी कम होगा।
-ठहरे विकास को लगेंगे पंख
लंबे इंतजार के बाद शुरू हो रहे इस एक्सप्रेसवे से इसके आसपास ठहरे विकास को भी पंख लगने की उम्मीद है। एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ एक किलोमीटर चौड़ाई में कंट्रोल्ड एरिया निर्धारित किया गया, जिसमें कमर्शियल हब, थीम पार्क आदि बनाने पर हरियाणा सरकार विचार कर रही है। इससे आने वाले समय में गुडग़ांव, मेवात और पलवल जिलों में ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। इसके साथ यहां पर उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा। गुडग़ांव से मथुरा, आगरा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दूसरे जिलों तक भी कनेक्टिविटी आसान होगी।
इससे उद्योगों को ट्रांसपोर्टेशन खर्च होने के साथ समय पर माल पहुंचाने में मदद मिलेगी। उद्योग एसोसिएशन के मुताबिक, इस एक्सप्रेस-वे से मानेसर से आगे फर्रुखनगर, झज्जर-रोहतक-पानीपत के रास्ते एनएच-10 और एनएच-1 तक जा सकते हैं। इस रास्ते से पलवल से पानीपत की दूरी करीब 200 किलोमीटर होगी जो कि पलवल-मानेसर-कुंडली के रास्ते पानीपत की दूरी के लगभग बराबर है, जिससे समय और ईंधन बचेगा और साथ ही दिल्ली में ट्रैफिक और प्रदूषण भी कम होगा।
केएमपी शुरू होने से दिल्ली-जयपुर हाईवे पर पंचगांव से दिल्ली के बीच ट्रैफिक का दबाव कम होगा। इससे औद्योगिक माल ढुलाई को गति मिलेगी। केएमपी का काम करीब 10 वर्षों से अटका था, जिसके पूरा होने से आम आदमी को लाभ होगा। आने वाले 300 दिनों में मानेसर से कुंडली का भी काम पूरा हो जाएगा, इसके बाद पूरे दिल्ली-एनसीआर की यातायात व्यवस्था बेहतर हो जाएगी।-अतुल मुखी, निदेशक, एचएसआईआईडीसी, गुडग़ांव