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एजेंडा 2020: नए साल में आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित होगी पुलिस

Mon, 23 Dec 2019 05:55 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद
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- फोटो : अमर उजाला
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साल 2019 अब अलविदा कहने जा रहा है। पूरे साल कानून व्यवस्था के अनुपालन को लेकर कई गुणात्मक सुधार किए गए। कुछ मामलों को लेकर सुधार के प्रयास अब भी जारी हैं। आने वाले साल 2020 में शहर के लोगों को और बेहतर पुलिस सुरक्षा मिलने की उम्मीद है।

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साल 2019 के आपराधिक आंकड़ों की बात करें तो फरीदाबाद जिले के विभिन्न थानों में कुल 12792 मामले विभिन्न धाराओं में दर्ज किए गए। इनमें से करीब 7710 मामलों का पुलिस ने पर्दाफाश कर आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया, जो कुल दर्ज मामलों का करीब 60 प्रतिशत हैं।

इन मामलों में कांग्रेस प्रवक्ता विकास चौधरी व सेक्टर-सात में डॉक्टर मेहंदीरत्ता परिवार के चार लोगों की हत्या का मामला काफी चर्चित व झकझोर देने वाली घटनाएं रहीं। वहीं फरीदाबाद पुलिस ने ऐसे मामलों के आरोपी गैंगस्टर कौशल व जिम ट्रेनर को गिरफ्तार कर मामलों का पर्दाफाश भी किया।
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इसके अलावा कुल दर्ज मामलों में हत्या के 73 प्रतिशत मामले, दहेज मामलों में शत प्रतिशत, हत्या के प्रयास में 91 प्रतिशत, दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के मामलों में 95 प्रतिशत, लूट मामलों में 44 प्रतिशत, चोरी में 37 प्रतिशत व वाहन चोरी के 11 प्रतिशत मामलों में आरोपी को गिरफ्तार कर पर्दाफाश कर चुकी है।

इस दौरान कुछ पुलिस कर्मियों पर भी आपराधिक मामलों में संलिप्त होने की शिकायत मिली। ऐसे पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच कर एफआईआर दर्ज कराई गई व उन्हें सलाखों के पीछे भी पहुंचा दिया गया।

2019 में क्या खोया :

1. फरीदाबाद पुलिस ने अगस्त 2019 में अपने एक तेज- तर्रार पुलिस अधिकारी डीसीपी विक्रम कपूर को हमेशा के लिए खो दिया। एक इंस्पेक्टर व उनके कुछ सहयोगियों से परेशान होकर उन्होंने 14 अगस्त 2019 को सरकारी आवास में खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली।

2. एटीएम चोरी मामले में फिसड्डी रही पुलिस :
2019 में एटीएम लूट कर नकदी चुराने वाले बदमाशों पर पुलिस लगाम नहीं कस सकी। बदमाश बेखौफ होकर शहर के विभिन्न हिस्सों में स्थित बैंक के एटीएम उखाड़ कर ले गए या कटर से काट कर नकदी चुरा कर ले गए। 

3. पूरे साल वाहन चोरों से पुलिस परेशान रही।  2019 में कुल 2148 वाहन चोरी के मामले में सिर्फ 241का हुआ पर्दाफाश। ऐसे में ज्यादातर वाहनों का पता ही नहीं चल सका।

4. शहर में बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए पुलिस ने सीनियर सिटीजन हेल्पलाइन की शुरूआत की थी। वर्तमान समय में पुलिस की यह सीनियर सिटीजन हेल्पलाइन दम तोड़ने लगी है। प्रचार-प्रसार के अभाव में ज्यादातर सीनियर सिटीजन को हेल्पलाइन की जानकारी ही नहीं है।

5. अपराध पीड़ित लोगों की मदद के लिए पुलिस ने इस साल एफआईआर मोबाइल एप की शुरूआत की थी। इसका उपयोग करने वाले व्यक्ति की लोकेशन और नाम पुलिस कंट्रोल रूम पहुंच जाता है। ऐसे में समय रहते पुलिस पीड़ित तक पहुंच जाती है। हालांकि प्रचारप्रसार के अभाव में इस एप का भी ज्यादातर लोग प्रयोग नहीं कर पाए।

2020 से क्या है उम्मीदें : 

1. पुलिस व्यवस्था को और अधिक सुदृढ बनाने के लिए 100 डायल को बेहतर किया जा रहा है। इसके लिए कंट्रोल रूम तैयार किया जा रहा है। नया कंट्रोल रूम बिलकुल किसी कॉल सेंटर की तर्ज पर काम करेगा। इसके बाद सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पीड़ित की मदद के लिए पहुंच सकेगी।
2. नए साल में पुलिस को कारपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के माध्यम से मिलेंगे नए पेट्रोलिंग वाहन। इसके लिए शहर के विभिन्न बड़ी औद्योगिक इकाइयों से बात चल रही है। नए पेट्रोलिंग वाहन मिलने से शहर में पुलिस की गश्त बढ़ेगी।
3. नए साल से क्राइम ब्रांच में तैनात पुलिसकर्मी नए लुक में नजर आएंगे। क्राइम ब्रांच में तैनात पुलिसकर्मियों वर्दी और टोपी में सिविल पुलिस की वर्दी से आंशिक बदलाव होगा। इससे सिविल पुलिस और क्राइम ब्रांच में तैनात पुलिसकर्मी अलग ही नजर आएंगे।
4. वर्तमान समय में फरीदाबाद में करीब सवा तीन हजार पुलिसकर्मी तैनात हैं। मौजूदा करीब 18 लाख की जनसंख्या के लिए पुलिसकर्मियों की यह संख्या काफी कम है। नए साल में जिला पुलिस को अतिरिक्त बल मिलने की उम्मीद है।
5. नए साल से जिले में 112 हेल्पलाइन नंबर सेवा भी शुरू होने जा रवही है। इसके साथ ही पीसीआर वाहन को आधुनिक उपकरणों से लैस किया जाएगा। इस वाहन में जीपीएस लगा होगा। निर्देश मिलते ही संबंधित पीसीआर मौके पर पहुंचेगी। जीपीएस लगा होने से इसकी लगातार मॉनीटरिंग हो सकेगी।
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अधिकारी बोले

1. बीते साल की तुलना में  2019 में अपराधिक घटनाओं में मामूली वृद्धि हुई है। सेंट्रलाइज्ड पेट्रोलिंग का फायदा मिला है। इससे अपराधी व आपराधिक घटनाएं दोनों पर अंकुश लगा है। 100 डायल को और सुदृढ़ बनाने का प्रयास चल रहा है। इसके अलावा 112 से भी आमलोगों का पुलिस पर विश्वास बढ़ेगा। - केके राव, पुलिस आयुक्त फरीदाबाद।

2. महिलाओं से जुड़े मामलों के लिए महिला थानों की स्थापना की गई है। इसमें महिलाओं की शिकायतें प्राथमिकता से दर्ज कर आरोपियों को सजा दिलाई जा रही हैं।  इससे पीड़िताओं में महिला थाने के प्रति विश्वास बढ़ा है। - धारणा यादव, एसीपी वूमन फरीदाबाद।

लोगों की राय :
3. सरकार को पुलिस महकमें में जांच की प्रक्रिया में सुधार लाने की दिशा में प्रयास करना चाहिए। कई बार एफएसल व बिसरा जांच रिपोर्ट आने में देरी की वजह से पीड़ित को समय से न्याय नहीं मिल पाता है। - रविंद्र गुप्ता, अधिवक्ता, जिला न्यायालय फरीदाबाद।

4. महिलाओं से जुड़े अपराध को इंटरनेट से काफी बढ़ावा मिलता है। इस पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस व सामाजिक लोगों को एक मंच पर आकर लोगों को जागरुक करने की जरुरत है। -रेनू भाटिया, सदस्य हरियाणा महिला आयोग।
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