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ऑस्कर अवार्ड जीतने के बाद भी नौकरी के लिए दर-दर भटक रहीं सुमन व स्नेह

Mon, 03 Jun 2019 07:15 AM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हापुड़

सार

- पारितोषिक में मिले एक-एक लाख का चेक न लौटाने पर एनजीओ एक्शन इंडिया ने नौकरी से निकाला
- डाक्यूमेंट्री पीरियड : द एंड ऑफ सेंटेंस के ऑस्कर अवार्ड जीतने के बाद चर्चाओं में आयी थी सुमन और स्नेह
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पत्रकारों से बात करती सुमन और स्नेहा (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सिनेटरी नेपकिन पर बनी डाक्यूमेंट्री पीरियड : द एंड ऑफ सेंटेंस को लेकर ऑस्कर अवार्ड जीतने वाली गांव काठीखेड़ा निवासी सुमन और स्नेहा को एनजीओ एक्शन इंडिया ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा उनकी उपलब्धि पर पारितोषिक के रूप दी गई धनराशि को एनजीओ ने नियम विरुद्ध बताते हुए यह कार्रवाई की। अब स्थिति यह है कि दोनों बेरोजगार हैं और नौकरी के लिए दर-दर भटक रही हैं।

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रविवार को हापुड़ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए स्नेह और सुमन ने बताया कि सेनेटरी नेपकिन पर बनी फिल्म के ऑस्कर जीतने के बाद पूरे देश में शोहरत पाने के बावजूद अब वे बेरोजगार हैं। एनजीओ एक्शन इंडिया ने 29 मई को उन्हें नौकरी से निकाल दिया। दरअसल, ऑस्कर जीतने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उनके साथ उनकी टीम के नौ सदस्यों को एक एक लाख रुपये का चेक दिया गया था, लेकिन एक्शन इंडिया ने यह कहते हुए चेकों की मांग कि यह उनके नियमों के विरुद्ध है। 

सुमन ने बताया कि उन्हें धनराशि दिए जाने की सूचना कई दिन पहले से को-ऑर्डिनेटर सुलेखा सिंह को थी। उन्हें भी एक लाख का चेक जारी किया गया था, लेकिन इस पुरस्कार पाने से पहले एक्शन इंडिया ने कोई एतराज नहीं जताया। बाद में उनसे रुपये देने का दबाव बनाया गया, लेकिन चेक न देने पर उन्हें निकाल दिया गया। 
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स्नेह ने बताया कि उसने ऑस्कर मिलने के बाद सबला यूनिट में करीब डेढ़ माह कार्य किया। उनके पास उसकी उपस्थिति के सुबूत हैं, लेकिन एक्शन इंडिया ने उसे काम पर न आने की बात कहते हुए मानदेय रोक दिया। दोनों ने कहा कि उनके साथ समस्या यह है कि सेलिबिट्री होने के कारण उन्हें छोटी नौकरी कोई देता नहीं और बड़ी मिलती नहीं, लेकिन वास्तव में वे इस समय नौकरी को लेकर काफी परेशान हैं।

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