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Delhi NCR News: हत्या आरोपियों को ढाई दशक बाद हाईकोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा

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- कोटला मुबारकपुर में हुए 1999 के एक हत्याकांड में चार आरोपियों की अपील खारिज की
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- अदालत में भाई की गवाही को पर्याप्त मानते हुए कहा प्रत्यक्षदर्शी की गवाही के बाद किसी अन्य साक्ष्य की आवश्यकता नहीं

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली हाईकोर्ट ने कोटला मुबारकपुर में हुए 1999 के एक हत्याकांड में चार आरोपियों की अपील खारिज कर दी है। कोर्ट ने आरोपियों को हत्या की धारा के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा बरकरार रखी है। न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति रविंदर डुडेजा की डिवीजन बेंच ने 26 मई 2026 को फैसला सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष ने मामले को संदेह से परे साबित किया है।
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अदालत ने पाया कि मुख्य गवाह (मृतक का भाई) सुरेश कुमार की गवाही विश्वसनीय थी। 23-24 जून 1999 की रात करीब 12:30 बजे कोटला मुबारकपुर में राकेश कुमार की हत्या कर दी गई थी। मृतक के भाई सुरेश कुमार ने देखा कि राजिंदर, रवि कुमार उर्फ राजू, मंगल खत्री और जसविंदर उर्फ सनी ने राकेश को घेर लिया था। राजिंदर ने राकेश के हाथ पीछे पकड़े हुए थे, जबकि रवि और जसविंदर ने चाकू मारकर हमला किया। ट्रायल कोर्ट ने 28 मई 2002 को सभी को दोषी ठहराया और 30 मई 2002 को आजीवन कारावास व 5,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।
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