दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद दिल्ली में बिजली की दरें बढ़ सकती हैं। यही नहीं पावर परचेज एडजस्टमेंट कॉस्ट (पीपीएसी) के नाम पर फरवरी में ही कीमत बढ़ाने का फैसला हो सकता है।
जबकि वित्त वर्ष 2015-16 के लिए जून से जुलाई तक बिजली की दरें तय हो सकती हैं। बिजली कंपनियां लगातार घाटे की बात कह रही हैं और दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) पर दबाव बना रही हैं।
डिस्कॉम्स के सूत्रों के मुताबिक बिजली कीमत नहीं बढ़ाई गई तो बिजली वितरण कंपनियों को बिजली उत्पादन संयत्रों को खरीदी गई बिजली की रकम चुकाने में दिक्कत आएगी।