खेड़ीपुल थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि सांप के काटने से उसकी मौत हुई है। मौके पर ही परिजनों ने सांप को भी मार दिया।
परिजन किशोरी को लेकर बीके सिविल अस्पताल पहुंचे थे, मगर तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। बिना पोस्टमार्टम कराए ही परिजनों ने अंतिम संस्कार भी कर दिया। उधर, गांव के ही एक व्यक्ति ने पुलिस को सूचना देकर किशोरी की हत्या का संदेह जताया।
हरकत में आई पुलिस तत्काल ही श्मशान घाट पहुंची, मगर तब तक चिता पूरी तरह से जल चुकी थी। फोरेंसिक जांच के लिए पुलिस ने अवशेष जांच के लिए भेज दिए। बुधवार को पुलिस ने परिजनों द्वारा मारे गए सांप को जमीन से निकालकर उसे भी पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
खेड़ी पुल थाने के प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि मंगलवार को एक अज्ञात व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी कि गांव में एक किशोरी की हत्या कर उसके शव का अंतिम संस्कार किया जा रहा है।
सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने श्मशान से शव के अवशेष एकत्रित कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिए। पुलिस ने परिजनों से पूछताछ की तो उनका कहना था कि सांप के काटने से किशोरी की मृत्यु हुई है। उसे लेकर वह मंगलवार अलसुबह करीब साढ़े चार बजे बीके सिविल अस्पताल भी लेकर गए थे, मगर तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी।
इसलिए है पुलिस को शक
खेड़ीपुल थाने के एसएचओ सुरेंद्र कुमार ने बताया कि गांव का ही एक युवक करीब डेढ़ माह पहले किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। उस समय किशोरी अपने साथ 1.55 लाख रुपये व जेवर लेकर गई थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी युवक को गिरफ्तार करके जेल दिया था।
किशोरी को बरामद कर उसे परिजनों को सौंप दिया गया था। मामले के करीब डेढ़ माह बीतने के बाद किशोरी की मौत ने पुलिस के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि जेल में बंद युवक के पिता ने ही किशोरी का गुपचुप तरीके से उसके अंतिम संस्कार किए जाने की सूचना दी थी। साथ ही संदेह जताया था कि किशोरी की हत्या की गई है। सूचना पर एसआई विजयपाल सिंह ने किशोरी की हत्या का मामला दर्ज कराया है।
डॉक्टर से भी होगी पूछताछ
खेड़ीपुल पुलिस ने बताया कि इस मामले में बीके सिविल अस्पताल के डॉक्टर से भी पूछताछ की जाएगी। परिजनों ने पुलिस को बताया था कि किशोरी को सांप डसने के बाद वह ओल्ड फरीदाबाद स्थित चांदना अस्पताल लेकर गए। यहां डॉक्टरों ने उपचार से मना कर दिया। परिजन उसे लेकर बीके सिविल अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टर ने जांच के उपरांत किशोरी को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने सवाल खड़ा किया है कि जिले भर के मामलों में पोस्टमार्टम बीके सिविल अस्पताल के शवगृह में कराया जाता है, फिर बीके सिविल अस्पताल में पहुंची किशोरी के शव का पोस्टमार्टम क्यों नहीं कराया गया। पुलिस का कहना है कि इस मामले में अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर स्तर पर भी लापरवाही बरती गई है।
सांप की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का फोरेंसिक रिपोर्ट से होगा मिलान
पुलिस ने बताया कि किशोरी की मौत अगर सांप के डसने के कारण हुई है तो उसके शरीर में सांप का जहर भी होगा। शरीर के बचे हुए अवशेष को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। इसके साथ ही सांप के पोस्टमार्टम से इस बात का भी पता चल सकेगा कि वह वास्तव में जहरीला था या नहीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ फोरेंसिक रिपोर्ट भी जांच के अहम पहलू होंगे।
मृतक किशोरी के परिजनों से बातचीत की गई है। उन्होंने सांप के डसने से मौत की बात कही है। मृत सांप को जांच के लिए एफएसएल लैब भेजा जाएगा। वहां से पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-आदर्श दीप सिंह, एसीपी ओल्ड फरीदाबाद