आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा और संजय सिंह को विशेषाधिकार समिति का फैसला आने तक राज्यसभा से निलंबित किया गया है। इससे पहले भी राघव चड्ढा ने ट्वीट कर लिखा था कि मैं सस्पेंड सांसद राघव चड्ढा। संसद में मेरा क्या अपराध है। मैंने संसद में खड़े होकर दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी के सबसे बड़े नेताओं से सवाल पूछा था। दिल्ली सेवा बिल पर भाजपा के सबसे बड़े नेताओं से न्याय की मांग करी थी। भाजपा को संसद में आईना दिखाया था। इसी हफ्ते मुझे विशेषाधिकार समिति से दो नोटिस मिले थे। कोई रिकॉर्ड नहीं है। इसी सत्र में आप के तीन सांसदों को सस्पेंड कर दिया गया है। संजय सिंह, सुशील रिंकू और मुझे। अब में विशेषाधिकार समिति के सामने अपनी बात रखूंगा।
राघव चड्ढा ने आरोपों से किया है इनकार
राघव चड्ढा ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है और कहना है कि उनके खिलाफ फर्जी प्रोपेगैंडा चलाया जा रहा है। राघव चड्ढा ने भाजपा को चुनौती देते हुए उनके कथित फर्जी हस्ताक्षर वाले दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग भी की है। आप सांसद ने आरोप लगाया कि भाजपा उनकी आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।