शाहबेरी हादसे के बाद अफसर अलर्ट हो गए हैं। कासना कोतवाली के सामने बीटा-2 सेक्टर में नियम तोड़कर खोदे गए गड्ढे से पाइपलाइन कटने और पास की सोसायटी का भवन गिरने की आशंका के चलते कड़ी कार्रवाई की गई है।
मामले में प्राधिकरण की शिकायत पर कासना कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मैसर्स कैस्टल रियलटेक लिमिटेड के मालिक अंकित शर्मा और सुपरवाइजर संजय तोमर को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही बिल्डर पर पांच लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है।
शनिवार शाम कासना कोतवाली के पास स्थित स्पार्क डिवाइन सोसायटी के लोग भारी बरसात के दौरान अपने घरों से बाहर निकलकर हंगामा व प्रदर्शन करने लगे थे। लोगों ने बताया था कि बरसात के दौरान बिल्डर अंकित शर्मा और सुपरवाइजर संजय तोमर ने उनकी सोसायटी के साथ गहरा गड्ढा खोद दिया है। इससे वाटर सप्लाई पाइप लाइन, सीवरेज व अन्य सेवाएं क्षतिग्रस्त होकर बाधित हो गईं हैं।
पाइप लाइन कटने से पानी सोसायटी की दीवार में घुस गया था और मिट्टी धंसने लगी थी। इससे सोसायटी के लोग भयभीत हो गए थे और भवन गिरने की आशंका से हंगामा करने लगे थे। सूचना पर सदर एसडीएम राजपाल सिंह, कासना कोतवाली पुलिस और प्राधिकरण के अधिकारी पहुंच गए थे। बताया गया है कि खुदाई के दौरान बिल्डर ने मिट्टी धंसने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग नहीं की थी।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण डीजीएम एके अरोड़ा ने बीटा-2 में गड्ढा खोदने के मामले में बिल्डर पर पांच लाख रुपये की पेनल्टी भी लगाई है। इस मामले की जानकारी होने पर जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्हें एक्टिव सिटीजन टीम के हरेंद्र भाटी ने बताया कि हादसे की आशंका से घबराकर कुछ परिवार पलायन को भी विवश हुए हैं।
मिट्टी डालने का काम जारी
सूचना पर पहुंचे अधिकारियों ने हादसा रोकने के लिए खोदे गए गड्ढे को मिट्टी से भरने का काम शुरू किया था। रविवार को भी प्राधिकरण के कर्मचारी गड्ढे में मिट्टी डलवाकर भराव में जुटे थे।
सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम में की कार्रवाई
एसपी देहात आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि मामले में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के प्रबंधक ब्रह्म सिंह की शिकायत पर सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के अंतर्गत केस दर्ज मैसर्स कैस्टल रियलटेक लिमिटेड के मालिक अंकित शर्मा, सुपरवाइजर संजय तोमर निवासी रजनी विहार पिलखुवा हापुड़ को गिरफ्तार कर लिया है।