शिप्रा मालिक ने खाटू श्याम आश्रम में बने तालाब के किनारे पहली रात गुजारी थी। यह आश्रम सुनसान क्षेत्र में पड़ता है, इसीलिए कोई उसे देख नहीं पाया। नोएडा पुलिस की टीम जयपुर पहुंच गई है।
वह उस मंदिर और खाटू श्याम जी के आश्रम में जाकर शिप्रा की फोटो दिखाकर लोगों से पूछताछ कर रही है कि यहां उसे देखा था या नहीं? पुलिस का दावा है कि रविवार तक यह साफ हो जाएगा कि शिप्रा जयपुर में रही है या नहीं।
इसके बाद ही उसके बयानों को पुख्ता किया जाएगा। एसपी सिटी दिनेश यादव ने बताया कि लाजपत नजर में अंतिम लोकेशन के बाद शिप्रा ने अपना पर्स व मोबाइल कहीं फेंक दिया था। उसके पास कोई आईडी नहीं थी।
वह जयपुर तो पहुंची, लेकिन उसे कहीं कमरा नहीं मिला
शिप्रा मलिक
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
ऐसे में वह जयपुर तो पहुंची, लेकिन उसे कहीं कमरा नहीं मिला। इसके बाद वह आश्रम पहुंची। आश्रम के रिकार्ड में भी शिप्रा ने किसी भी नाम से कमरा बुक नहीं कराया था।
आश्रम में भी आईडी की जरूरत पड़ती है। शिप्रा ने जाने से पहले बैंक लॉकर आपरेट किया था, लेकिन लॉकर से उसने कुछ निकाला नहीं था।
आश्रम जाने के दौरान शिप्रा के पास केवल 5 हजार रुपये ही थे। शिप्रा को उन्हीं कपड़ों में बरामद किया गया। जिस कपड़ों में वह घर छोड़ कर गई थी। वह अपने साथ कपड़े भी नहीं ले गई थी।
पुलिस भाई की मर्सिडीज ले आई थाने
शिप्रा के पति चेतन मलिक नेशनल शेफ था। पॉश सेक्टर-18 में उसने कैफे स्टाइल नाम का एक रेस्त्रां खोला। इसका इंटीरियर विदेशी स्टाइल और हाईटेक था। इंडियन फूड को किस तरह इंटरनेशनल फूड में बदलकर उसे लोगों के सामने परोसा जाए, यह उसके बाएं हाथ का खेल था।
इससे वह मीडिया में भी छा गया। कई दैनिक अखबारों में उसके आर्टिकल व उनकी रेसिपी भी छपी। चेतन के पिता का रियल इस्टेट का कारोबार था। पिता के कहने पर उसने इस क्षेत्र में कदम रखा। रेस्त्रां बेचकर करीब 75 लाख रुपये चेतन ने रियल एस्टेट में लगा दिए।
व्यापार में अधिक नुकसान होने के कारण परिवार कर्जे में चला गया। शिप्रा का बुटीक का बिजनेस भी धीरे-धीरे मंदी में चला गया।
शिप्रा मलिक
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
शिप्रा का 75 लाख रुपये को लेकर चेतन से तनाव रहा। करोड़ों रुपये की संपत्ति के मालिक चेतन ने जो सपने देखे वह उन्हें पूरा नहीं कर सका। आन-बान-शान तीनों में कमी आती गई। ऐसे में शिप्रा भी इस घुटन को बर्दाश्त नहीं कर सकी। वह घर छोड़कर चली गई।
शिप्रा मलिक की सास हर्ष मलिक का कहना है कि बहू को ज्यादा से ज्यादा खुश रखने की कोशिश की जा रही है। हम भी सदमे से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे हैं। गायब होने के संबंध में शिप्रा से कोई भी बात नहीं कर रहा है, ताकि वह मानसिक तनाव से बाहर आ सके। अगर इसके बाद भी वह पूरी तरह से स्वस्थ नहीं हुई तो मनो चिकित्सक से भी राय ली जाएगी।
शिप्रा के मुताबिक जो हुआ, वह समय बहुत खराब था। अब बेटे, पति व परिवार के लिए जीना है। गुस्से में हम कई बार गलत कदम उठा लेते हैं, जिसका दर्द परिवार वालों को सहना पड़ता है। परेशान होने के कारण एक गलत कदम मैंने उठाया। अब मैं पूरी तरह से अपने परिवार वालों के साथ हूं।