दूसरी ओर जस्टिस मनमोहन ने भी जेटली व केजरीवाल के वकीलों को मानहानि के लिए दस करोड़ रुपये मुआवजे के दूसरे मामले को वापस लेने की अनुमति दे दी। यह दावा जेटली ने वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी द्वारा अपशब्द प्रयोग किये जाने के बाद अरविंद केजरीवाल पर हाईकोर्ट में दायर किया था।
पटियाला हाउस अदालत के एसीएमएम समर विशाल ने अरुण जेटली व केजरीवाल की अर्जियों पर सुनवाई के बाद मानहानि के अपराधिक मामले की शिकायत वापस लेने की अनुमति प्रदान कर दी।
मानहानि के इन मामलों में केजरीवाल के साथ राघव चड्ढा, दीपक वाजपेयी, आशुतोष व संजय सिंह ने एक अप्रैल को केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली से माफी मांगी थी।
पेश मामला दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) से जुड़ा है। मुख्यमंत्री केजरीवाल समेत छह आप नेताओं ने बयान जारी कर केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली पर वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाये थे।
इन नेताओं का कहना था कि वर्ष 1999 से 2013 तक डीडीसीए के अध्यक्ष थे और उनके कार्यकाल में कामकाज में भारी वित्तीय अनियमितता हुई थी और निजी कंपनी को फायदा पहुंचाया गया था।