दिल्ली में एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल जारी
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सोमवार शाम को दिल्ली सरकार के एस्मा लगाने के बाद भी एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल जारी है। बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के साथ बैठक बेनतीजा रहने के बाद कर्मचारियों ने अनिश्चिकाल के लिए प्रदर्शन जारी रखने की घोषणा की है। कैट्स यूनियन का कहना है कि उन्हें प्रदर्शन और हड़ताल करने से कोई नहीं रोक सकता। इससे पहले सिविल लाइंस स्थित सीएम आवास के पास कर्मचारियों का प्रदर्शन पांचवें दिन भी जारी रहा।
बाइक एंबुलेंस में काम कर रहे कैट्स के स्थायी कर्मचारियों के अध्यक्ष धर्मेंद्र तिवारी का कहना है कि सरकार और कैट्स की गलत नीतियों के चलते कर्मचारी हड़ताल पर मजबूर हुए हैं। हड़ताल के चलते बाइक एंबुलेंस को बंद करके पूरे स्टाफ को एंबुलेंस चलाने में लगा दिया गया है। फिलहाल 20 से 30 एंबुलेंस चल रही हैं, जिसे रेगुलर स्टाफ ही चला रहा है। जिस नई कंपनी को टेंडर दिया गया है, वह पहले दिन से ही इन्हें चलाने की स्थिति में नहीं है। उधर, हड़ताल के कारण एंबुलेंस व्यवस्था ठप्प पड़ी हुई है। बीते मंगलवार को कॉल सेंटर में 3 हजार से अधिक मरीजों के फोन पहुंचे और एंबुलेंस के लिए मदद मांगी। इसमें से 287 कॉल ऐसी थीं, जिनमें मरीज का अस्पताल पहुंचना बेहद जरूरी थी, लेकिन कैट्स ने इन सभी कॉल का बहिष्कार किया।
निजी एंबुलेंस को फायदा, कीमतें दोगुनी
बताया जा रहा है कि हड़ताल के कारण अस्पतालों के बाहर खड़ी होने वाली निजी एंबुलेंस ने अपने रेट दोगुने कर दिए हैं। जहां पहले वेंटिलेटर एंबुलेंस 10 से 15 किलोमीटर दायरे में आने वाले अस्पतालों के लिए दो हजार रुपये वसूलती थीं, हड़ताल के चलते चार से पांच हजार रुपये वसूल रही हैं।