जेवर के गांव में नाबालिग छात्रा की वीडियो क्लिप बनाकर गैंगरेप करने और विरोध करने पर शनिवार को उसे जलाकर मारने के मामले में अब भी दंबंगों के अत्याचार जारी हैं।
मालूम हो कि आरोपियों का गांव में रसूख है। आरोपियों के परिजन प्रदेश में एक राजनीतिक पार्टी से संबंध रखते हैं। वहीं, छात्रा के पिता ने बताया कि रविवार रात वह एक दर्जन ग्रामीणों के साथ थाना जेवर पहुंचे और तथा रिपोर्ट से संबंधित कागजात की मांग की।
उन्होंने आरोपियों के परिजन और आरोपियों के रिश्तेदार प्रधान पर उसे व उसके परिवार को धमकी देने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी एसके यादव ने उनकी बात न मानने पर अपनी ही लड़की की हत्या के मामले में फंसाने की बात कही।
घर जाकर दे रहे धमकी
जेवर के एक गांव में छात्रा से दुष्कर्म व जलाकर हत्या करने के मामले में पीड़ित परिजनों ने आरोपियों के परिजनों पर धमकाने का आरोप लगाया है।
छात्रा के पिता का आरोप है कि पुलिस से इस बात की शिकायत पर थाना प्रभारी ने उल्टे इसी मामले में फंसाने का आरोप लगाया जा रहा है। मामले में जब थाना प्रभारी से बात की गई तो उन्होंने धमकी देने की घटना से इंकार किया है।
गांव के बाहर भी नौकरी नहीं कर पाएंगे परिजन पीड़ित परिजनों का आरोप है कि वर्तमान प्रधान आरोपी सोनू और प्रदीप रिश्तेदार हैं। उसने धमकी दी है कि छात्रा के ताऊ के लड़के जो रेलवे और नेवी में नौकरी करते हैं, उनका नौकरी करना मुश्किल हो जाएगा।
पुलिस नहीं दे रही वीडियो रिकॉर्डिंग
उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रा के जलने के बाद दरोगा ने उसका बयान मोबाइल में रिकॉर्ड किया और उन्होंने भी उसी समय किया रिकॉर्ड किया मगर पुलिस बयान से मुकर रही है।
गांव की बारात भोकनपुर इगलास गयी थी। उसी शादी में प्रधान के रिश्तेदार आरोपी प्रदीप और उसके मामा सोनू ने विडियो क्लिप बनाई थी। छात्रा के पिता और भाई का आरोप है कि प्रधान को शुरू से ही घटना की जानकारी थी।
वह साजिश मे शामिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों की पुलिस से मिलीभगत है।