डीपीएस में बच्ची से दरिंदगी के विरोध में अभिभावकों का न केवल आक्रोश फूटा बल्कि उन्होंने पीड़ा व्यक्त करते हुए स्कूल प्रबंधन पर सवालों की बौछार कर दी। आक्रोश और पीड़ा से सराबोर अभिभावकों के कई सवाल का जवाब प्रिंसिपल नहीं दे पाईं। इसके चलते कई बार अभिभावक और प्रिंसिपल की बातचीत के दौरान हंगामा हुआ।
प्रिंसिपल और अभिभावक की बातचीत में सवाल करते हुए एक महिला अभिभावक ने कहा कि हम अपनी फूल जैसे बच्ची को केवल पति के अलावा किसी के पास नहीं छोड़ते। आपने किसी पुरुष के पास हमारी बच्चियों को स्वीमिंग पूल में कैसे छोड़ दिया। एक अन्य अभिभावक ने कहा कि हम अगर फीस देने में एक दिन की भी लापरवाही करते हैं तो डीपीएस प्रबंधन हमसे पेनल्टी लेता है।
अब हमारी बच्चियों के साथ इतनी बड़ी लापरवाही सामने आई है, तो डीपीएस को भी पेनल्टी (कानूनी कार्रवाई) लगनी चाहिए। एक पूर्व महिला अभिभावक भी स्कूल पहुंची और उसने बेटे के उत्पीड़न के चलते अपने बेटे का नाम काटने का आरोप लगाया।
महिला का कहना था कि उसका बेटा थोड़ा कमजोर था। इसलिए अन्य बच्चों से कहा जाता था कि उससे दूर बैठा करें। इस पर उन्होंने प्रबंधन को मेल किया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला तो उन्होंने बच्चे का नाम कटा लिया। एक अभिभावक ने स्कूल में बच्चों को लाने ले जाने के लिए सफेद बस का प्रयोग करने का भी आरोप लगाया।