नोटबंदी के बाद नकदी की कमी और बढ़े कैशलेस ट्रांजेक्शन से छोटे दुकानदारों की शामत आ गई है। वहीं मॉल्स के स्टोर्स और बड़े शोरूम की बल्ले-बल्ले हो गई है। मॉल्स में अब बढ़कर नब्बे फीसदी खरीदारी प्लास्टिक मनी या ई-वॉलेट से की जा रही है।
अमर उजाला संवाददाता ने शनिवार को नॉलेज पार्क स्थित अंसल प्लाजा में स्थित कई स्टोर मैनेजर्स से बातचीत की। नोटबंदी के बाद नवंबर माह में जहां शुरुआती दौर में सारा व्यापार पचास फीसदी तक कम हो गया था। वहीं दिसंबर के पहले 15 दिनों के दौरान मॉल्स में लोगों खरीदारी दस से पचास फीसदी तक बढ़ गई है। दुकानदारों के मुताबिक मॉल्स में पहले तीस फीसदी तक नकदी और बाकी सत्तर फीसदी प्लास्टिक मनी चलती थी। वहीं नोटबंदी के बाद अब 90 से 95 फीसदी खरीदारी प्लास्टिक मनी से की जा रही है।
दस से पचास फीसदी तक स्टोर्स का बढ़ा कारोबार
नोटबंदी के बाद नकदी के झंझट से तंग आकर ग्राहक छोटे दुकानदारों को छोड़कर बड़े स्टोर्स की ओर आकर्षित हो रहे हैं। मॉल के दो स्टोर्स के अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दिसंबर के शुरुआती 10 दिनों में बिक्री बेहतर रही है। पिछले वर्ष से तुलना कर ली जाए तो अलग अलग चीजों की बिक्री में दस से पचास फीसदी का इजाफा हुआ है।
शॉपिंग स्टोर्स दे रहे ग्राहकों को छूट की स्कीमें
बड़े शापिंग स्टोर्स ग्राहकों को लुभाने के लिए कई ऑफर लेकर आए हैं। नए ग्राहकों को लुभाने के लिए कोई चीनी-चाय की पत्ती मुफ्त दे रहा है तो कोई दो सौ रुपये तक खरीददारी करने पर एक किलो टमाटर या आलू एक रुपये में दे रहा है। वहीं एक स्टोर ने अपने नए ई-वॉलेट एप से खरीददारी करने पर दस फीसदी छूट देने की स्कीम दी है।