, पेट्रोल-डीजल और सीएनजी के बढ़े दाम के चलते मिलेनियम सिटी में ऑटो, टैक्सी और बसों का बढ़ेगा किराया
- आम लोगों की जेब पर बढ़ेगा बोझ, रोजाना सफर करने वालों की चिंता बढ़ी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। पहले सिलिंडर, फिर दूध और अब बढ़े ईंधन (पेट्रोल-डीजल-सीएनजी) की कीमतों का असर अब आम लोगों की
रोजमर्रा की जिंदगी पर साफ दिखाई देने लगा है। ईंधन महंगा होने से ऑटो रिक्शा चालक, कैब चालक और निजी बस संचालक किराया बढ़ाने की तैयारी में हैं। यदि आने वाले दिनों में किराये में बढ़ोतरी होती है तो नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ सकता है।
शहर में बड़ी संख्या में लोग रोजाना ऑटो, टैक्सी और निजी बसों के माध्यम से सफर करते हैं। ऐसे में किराया बढ़ने से सबसे अधिक असर मध्यम वर्ग और मजदूर वर्ग पर पड़ने की संभावना है। वाहन चालकों ने कहा कि पिछले कुछ समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार इजाफा हुआ है, जबकि उनकी आमदनी में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई। महंगे ईंधन के कारण वाहन चलाना मुश्किल होता जा रहा है। निजी बस संचालकों ने भी कहा कि डीजल महंगा होने से संचालन लागत तेजी से बढ़ी है। ऐसे में मौजूदा किराये पर बसों का संचालन करना कठिन होता जा रहा है।
क्या कहते हैं चालक
पहले जितनी कमाई में घर का खर्च आसानी से चल जाता था, अब उतनी ही कमाई में मुश्किलें बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि गैस, पेट्रोल और वाहन मेंटेनेंस का खर्च लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में किराया बढ़ाना मजबूरी बनता जा रहा है।
- पिंटू, ऑटो चालक
ऑनलाइन कैब सेवाओं में कंपनी अपना कमीशन पहले ही काट लेती है। ऊपर से पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों ने कमाई पर सीधा असर डाला है। यदि किराया नहीं बढ़ाया गया तो चालकों को नुकसान उठाना पड़ेगा।
- मोनू, कैब चालक
डीजल और पेट्रोल के भाव बढ़ गए है जिस कारण ऑटो चलाने में खर्च ज्यादा लग रहा है। जिस कारण किराया बढ़ाया जाएगा।
- योगेश, जिला ऑटो संघ अध्यक्ष