दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेस-वे (राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर-8) पर स्थित हीरो चौक पर बने फ्लाईओवर पर सोमवार से एक साइड पर वाहनों का आवागमन शुरू कर दिया गया। 27 मार्च को हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई के बाद ही सोमवार शाम चार बजे फ्लाईओवर वाहनों के लिए खोल दिया गया। यहां के फ्लाईओवर और अंडरपास निर्माण में बाधा बन रही दुकानों के कारण इसे तीन महीने की देरी से शुरू किया गया है।
नवंबर 2014 में हीरो चौक पर फ्लाईओवर व अंडरपास बनाने का काम शुरू हुआ था। 24 मई 2017 तक फ्लाईओवर के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। लेकिन अब तीन माह का समय और बढ़ाते हुए इसे अगस्त 2017 कर दिया गया।
जबकि दिल्ली से जयपुर की तरफ फ्लाईओवर निर्माण का काम पूरा कर इस साइड के फ्लाईओवर को सोमवार शाम चालू कर दिया गया। इस फ्लाईओवर पर जयपुर की ओर से दिल्ली को जाने वाले ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया है। वाहनों के फ्लाईओवर के ऊपर चढ़ने व उतरने की जगह एनएच-8 के डिवाइडर पर कट लगाया गया है।
जयपुर-दिल्ली की साइड में फ्लाईओवर के निर्माण में सबसे बड़ी बाधा यहां स्थित सुगंधा रेस्टोरेंट, जूस कार्नर व शराब की दुकानें बनी हुईं थीं। 27 मार्च को हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई के बाद ही सोमवार शाम 4:00 बजे फ्लाईओवर वाहनों के लिए खोल दिया गया।
यहां पर करीब डेढ़ एकड़ जमीन के 32 हिस्सेदार हैं। पीड़ित परिवारों ने जमीन के बदले हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) से जमीन के बदले जमीन देने की मांग की है लेकिन हुडा द्वारा जमीन देने से इंकार करने के बाद पेंच फंस गया है। याचिकाकर्ता धर्म सिंह व अमर सिंघल का कहना है कि द्वारका एक्सप्रेसवे समेत अन्य कई स्थानों पर हुडा ने जमीन के बदले जमीन दी हैं।
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर एके शर्मा का कहना है कि (दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेस-वे) खांडसा की ओर अतिक्रमण को लेकर अदालत में सुनवाई चल रही है। अदालत के आदेश के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इसके लिए पहले सर्विस और अब स्लिप रोड बनाई गई है ताकि हाईवे का ट्रैफिक सर्विस रोड पर डायवर्ट कर निकाला जा सके। सोमवार को दिल्ली की ओर जाने वाली एक साइड को ट्रैफिक डायवर्ट करके खोल दिया गया। इससे इस साइड के वाहनों का दबाव कम होने से फ्लाईओवर के निर्माण का काम आसानी से किया जा सकेगा।
हुडा ने जमीन के बदले प्लाट देने से किया इंकार
याचिकाकर्ता धर्म सिंह व अमर सिंघल ने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर हुडा अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इसमें दोनों पक्ष बैठकर आपस में समस्याएं सुलझा लें। बैठक में याचिकाकर्ता ने जमीन के बदले प्लाट देने की मांग रखी थी, जिसे हुडा विभाग के अधिकारियों ने नकार दिया। करीब 32 सदस्यों की डेढ़ एकड़ जमीन है, जिसमेें विवाद अभी भी फंसा हुआ है। 27 मार्च को सुनवाई होने पर हाईकोर्ट ने 29 मार्च की तारीख दी है। हुडा प्रशासक यशपाल यादव ने बताया कि हीरो फ्लाईओवर मामले में सोमवार को सुनवाई के बाद अगली तारीख 29 मार्च लगाई है। इसके बाद ही हीरो फ्लाईओवर अंडरपास को लेकर फैसला होगा।