दिल्ली हिंसा में शिव विहार स्थित एक दुकान पर काम करने वाले दिलबर नेगी की उपद्रवियों ने नृशंस हत्या कर दी थी। उपद्रवियों ने पहले दिलबर के दोनों हाथ और पैर काट दिए, फिर उसे आग में फेंक दिया।
काफी देर बाद जब आग पर काबू पाया गया तो परिजनों को दिलबर का सिर्फ धड़ ही मिल सका। अब तीन दिन से जीटीबी अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमार्टम का इंतजार कर रहे परिजनों ने उस खौफनाक मंजर को बताया।
मूल रूप से उत्तराखंड के रहने वाले विजय नेगी ने बताया कि उनका भतीजा दिलबर शिव विहार स्थित मिठाई की दुकान पर काम करता था। दुकान से कुछ ही दूरी पर दूसरी दुकान में काम करने वाले एक अन्य युवक के साथ वह रहता था।
24 फरवरी को दोनों साथ दोपहर में खाना खाने अपने कमरे पर गए थे। थोड़ी देर बाद 40-50 उपद्रवियों की भीड़ ने अचानक दुकान पर हमला कर दिया। उस समय दुकान के अंदर करीब 20-25 लोग मौजूद थे।
इन लोगों ने खुद को दुकान के अंदर बंद कर लिया। जब उपद्रवी दुकान से थोड़े आगे निकल गए तब ये लोग पीछे की गली से निकलकर भाग गए और उनकी जान बच गयी। वहीं उपद्रवियों ने दुकान के सामने स्थित गोदाम में खाना खाने गए दिलबर को पकड़ लिया जबकि उसका साथी भागने में सफल रहा।
उपद्रवियों ने उसके हाथ और पैरों को तलवार से काट दिया। इसके बाद उसे आग के हवाले कर दिया। शव की पहचान उसके भाई देवेंद्र ने की। इसके बाद परिजनों को दिलबर का शव सौंप दिया।