सिराथू और अठसराय स्टेशन के बीच मुरी एक्सप्रेस हादसे के तीसरे दिन हावड़ा-दिल्ली रेलमार्ग पूरी तरह से चालू हो सका। 40 घंटे बाद अप लाइन पर भी ट्रेनों के शुरू हो जाने से जगह-जगह स्टेशनों पर फंसे रेल यात्रियों ने राहत की सांस ली।
दुर्घटना स्थल पर ट्रेनों को कॉशन पर चलाया जा रहा है। कई परीक्षणों के बाद भोर में पहली ट्रेन के रूप में इलाहाबाद-दिल्ली दूरंतो एक्सप्रेस को 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से भोर में करीब चार बजे निकाला गया।
इसके बाद रीवांचल, पुरुषोत्तम, महाबोधि समेत राजधानी, दूरंतो और गरीबरथ एक्सप्रेस को निकाला गया। उधर, रेलवे प्रशासन ने 27 और 28 मई को भी 33 ट्रेनों के निरस्तीकरण का ऐलान कर दिया।
बमुश्किल प्रयागराज एक्सप्रेस निरस्तीकरण से बच सकी। अन्य ट्रेनों के साथ दोपहर में इसे भी निरस्त करने की तैयारी चल रही थी। मुरी एक्सप्रेस सोमवार को अपराह्न में 1.45 बजे दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी।
डाउन लाइन को मंगलवार भोर में चालू कर लिया गया था लेकिन अप लाइन पर दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन के क्षतिग्रस्त कोचों को हटाने में रेलवे प्रशासन को काफी वक्त लग गया।
मंगलवार की रात करीब 10.20 बजे दुर्घटनाग्रस्त ए-1 कोच को ट्रैक से नीचे फेंका जा सका। रात 1.30 बजे इंजीनियरिंग विभाग ने ट्रैक के फिटनेस की रिपोर्ट दी।
इसके बाद ट्रायल के लिए एक मालगाड़ी को 10 किमी प्रति घंटे की गति से निकाला गया। फिर, सिराथू से अठसराय स्टेशनों के बीच किमी संख्या 889/03/-888-03 पर 20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाने की इजाजत मिली।
भोर में चार बजे ओएचई लाइन को ट्रेनों को चलाने के लिए खोला जा सका। इसके बाद मालगाड़ी निकालकर दूरंतो एक्सप्रेस को निकाला गया।