संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। कड़कड़डूमा अदालत ने लापरवाही से हुई मौत और चोटों से संबंधित 27 साल पुराने मामले में आरोपी को बरी कर दिया। यह मामला सितंबर 1999 में भजनपुरा इलाके में एक घर के निर्माण कार्य के दौरान छत गिरने से संबंधित है। शिव दत्त को इस मामले में बरी होने में 27 साल लग गए। अब वे चल भी नहीं सकते। फैसले की तारीख को उनका पोता अदालत में मौजूद था। 16 सितंबर 1999 को घायलों में से एक मुरारी लाल शर्मा की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष के एक गवाह ने अपना बयान बदल दिया। अन्य गवाहों ने भी अभियोजन पक्ष के मामले का समर्थन नहीं किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) पंकज राय ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में विफल रहा कि मृत्यु और चोटों वाली घटना उनकी लापरवाही की वजह से हुई थी।