दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, वाहन से होने वाले प्रदूषण की हिस्सेदारी 18.614 फीसदी रही। इसके अलावा पराली जलाने से होने वाला प्रदूषण 0.967, निर्माण गतिविधियों से 2.805, पेरिफेरल उद्योग से 3.679 और आवासीय इलाकों की भागीदारी 4.574 फीसदी रही। सीपीसीबी के अनुसार, रविवार को हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से 5 किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 1000 मीटर रही।
इसके अलावा, वेंटिलेशन इंडेक्स 7000 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा। दूसरी ओर, दोपहर चार बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 224.7 और पीएम2.5 की मात्रा 119.1 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि सोमवार तक हवा बेहद खराब श्रेणी में ही बरकरार रहेगी। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही, लोगों को आंखों में जलन जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।