नीलम व बाटा पुल के बीच मंगलवार को एक महिला के ओएचई (ओवर हेड इलेक्ट्रिसिटी वायर) के पोल पर चढ़ने के कारण झुलसने का मामला सामने आया है। झुलसी महिला को बीके अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसे दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया है। महिला की पहचान नहीं हो पाई है।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह एक महिला ट्रेनों को बिजली देने वाले ओएचई के खंभे पर चढ़ गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने इसकी सूचना न्यूटाउन स्टेशन मास्टर को दी।
स्टेशन मास्टर ने आरपीएफ को जानकारी दी। सूचना मिलते ही आरपीएफ के जवान रतन सिंह और नरेश कुमार मौके पर पहुंच गए। दोनों ने महिला को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं मानी।
नहीं पहुंची जीआरपी की एंबुलेंस
एक घंटे तक यह हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। इसी बीच महिला 25 हजार किलोवॉट के तारों के संपर्क में आने से झुलस कर नीचे रेलवे ट्रैक पर गिर गई।
किसी तरह उसको बीके अस्पताल ले जाया गया। बाद में उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया। यात्रियों की सुरक्षा का दावा करने वाली राजकीय रेलवे पुलिस की ढिलाई मंगलवार को सामने आई।
एक महिला ओएचई के पोल पर चढ़ने के कारण झुलस गई लेकिन सूचना देने के बाद भी उसकी एंबुलेंस नहीं पहुंची।
उच्चाधिकारी नहीं पहुंचे मौके पर
जीआरपी का कोई उच्चाधिकारी भी एक घंटे में मौके पर नहीं पहुंचा। रही सही कसर ओएचई विभाग के कर्मचारियों ने पूरी कर दी। सूचना देने के 40 मिनट बाद कर्मचारी वहां पहुंचे।
लोगों का कहना था कि यदि ओएचई विभाग के कर्मचारी समय पर पहुंच जाते तो सप्लाई बंद करके महिला को सुरक्षित उतारा जा सकता था।
उधर जीआरपी के एसएचओ अरविंद कुमार का कहना है कि सूचना मिलने के साथ ही वह एंबुलेंस के अलावा फायर ब्रिगेड के साथ मौके पर पहुंच गए थे। घटना स्थल तक पहुंचने के लिए कोई सीधा रास्ता नहीं था। इसी कारण एंबुलेंस पहुंचने में समय लगा।