शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए निजी स्कूलों को फीस न बढ़ाने के संबंध में शिक्षा निदेशालय ने एडवाइजरी जारी की है। इसमें दिल्ली हाईकोर्ट के 28 फरवरी के फैसले का हवाला दिया गया है। साथ ही अगले आदेश तक स्कूल लेवल फीस रेगुलेशन कमेटी (एसएलएफआरसी) के गठन नहीं करने के भी निर्देश दिए गए है।
यह एडवाइजरी शिक्षा निदेशालय के उत्तर-पश्चिम-बी-2 जिला के जोन-13 के उप शिक्षा निदेशक कार्यालय ने जारी की है। इसके अनुसार हाईकोर्ट के अगले आदेश तक कोई भी स्कूल शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एसएलएफआरसी के माध्यम से शुल्क निर्धारण, संशोधन या वृद्धि के लिए किसी भी प्रस्ताव को आरंभ, संशोधित या आगे नहीं बढ़ाएगा। कोई भी स्कूल नए शैक्षणिक सत्र में पिछले शैक्षणिक वर्ष में ली गई फीस से अधिक फीस नहीं लेगा।
शुल्क वृद्धि को न करें मंजूर
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए किसी भी मद के अंतर्गत कोई वृद्धि, बढ़ोतरी या अतिरिक्त शुल्क तब तक नहीं लगाया जाएगा। जब तक कि अधिनियम और नियमों के अनुसार शुल्क निर्धारित/मंजूरी नहीं हो जाती और हाईकोर्ट के आगे के आदेशों के अधीन रहेगा। एडवाइजरी में सभी नामांकित डीई को निर्देश दिए गए है कि वह शुल्क वृद्धि या शुल्क निर्धारण से संबंधित किसी भी कार्यवाही पर हस्ताक्षर न करें और न मंजूर व सिफारिश करें कि जब तक कि आगे कोई आदेश न दिया जाए।
उल्लंघन करने पर अवमानना की होगी कार्यवाही
एडवाइजरी में यह निर्देश है कि अगर कोई विद्यालय निर्देशों के विपरीत शुल्क में वद्धि, एसएलएफआरसी का गठन करना, शुल्क वृद्धि के लिए मंजूरी मांगता है तो वह हाईकोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन होगा। ऐसे स्कूल हाईकोर्ट के आदेशों के उल्लंघन के लिए व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होंगे और जहां आवश्यक हो उधर अवमानना कार्यवाही शुरू करने सहित, कानून और नियमों के लागू प्रावधानों के तहत उचित कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।
एडवाइजरी को लेकर जताई आपत्ति
फोरम फॉर इंडियन पैरेंट्स की निदेशक और हाईकोर्ट में इस मामले की अधिवक्ता शिखा बग्गा ने कहा कि अभिभावकों ने एडवाइजरी को लेकर आपत्ति जताई है। उनकी मांग है कि शिक्षा निदेशालय एडवाइजरी की जगह आदेश जारी करें। गैर मंजूरी बढ़ी फीस का विवाद पिछले सत्र को लेकर भी है। ऐसे में अभिभावकों के मन में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
शिक्षा निदेशालय के बाहर आज होगा प्रदर्शन
फीस संबंधी मामले के विरोध में सिविल लाइंस स्थित शिक्षा निदेशालय के कार्यालय के बाहर अभिभावकों ने प्रदर्शन का ऐलान किया है। इसमें गैर मंजूरी बढ़ी फीस न देने के विरोध में बच्चों का परिणाम रोकने सहित कई दूसरे मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया जाएगा।