- प्रश्न पत्र में छपा क्यूआर कोड इंटरनेट हाइपर लिंक के रूप में नहीं करता काम
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने प्रश्न पत्र में छपे क्यूआर कोड को लेकर फैल रही भ्रामक जानकारियों पर एडवाइजरी जारी की है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि इन क्यूआर कोड को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही कई बातें गलत और भ्रामक हैं। पिछले माह एक प्रश्न पत्र में क्यूआर कोड का लिंक स्कैन करने पर गाने के लिंक खुलने का दावा किया गया था।
सीबीएसई के अनुसार प्रश्न पत्रों पर छपे क्यूआर कोड किसी भी प्रकार के इंटरनेट हाइपर लिंक के रूप में काम नहीं करते हैं। यह कोड केवल आंतरिक उपयोग के लिए होते हैं। इसका उद्देश्य परीक्षा की प्रमाणिकता, ट्रैकिंग और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इन्हें स्कैन करने पर कोई वेबसाइट नहीं खुलती बल्कि केवल संबंधित टेक्स्ट दिखाई देता है।
बोर्ड ने स्पष्ट किया कि अगर कोई व्यक्ति इस टेक्स्ट को इंटरनेट पर सर्च करता है तो सर्च इंजन के एल्गोरिदम के कारण असंबंधित परिणाम सामने आ सकते हैं। इसका सीबीएसई या उसकी परीक्षा प्रक्रिया से कोई संबंध नहीं है। एडवाइजरी में कहा गया है कि कुछ तत्व इन असंबंधित सर्च परिणामों को जानबूझकर गलत तरीके से पेश कर रहे हैं।
बोर्ड ने ऐसे दावों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है। सीबीएसई ने छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और मीडिया से अपील की है कि वह अपुष्ट जानकारी साझा करने से बचें और किसी भी जानकारी को प्रसारित करने से पहले आधिकारिक स्रोतों से सत्यापन करें।