एमसीडी चुनाव लड़ रहे 556 उम्मीदवार करोड़पति हैं, इनमें 151 उम्मीदवारों के पास पांच करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है, जबकि 217 उम्मीदवारों की दो से पांच करोड़, 365 उम्मीदवारों के पास 50 लाख से दो करोड़ और 283 उम्मीदवारों के पास 10 लाख से कम संपत्ति है।
दिल्ली नगर निगम चुनाव में बेशक बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाना बड़ा मसला है, लेकिन निगम चुनाव में ताल ठोक रहे 56 फीसदी उम्मीदवारों ने 12वीं तक ही पढ़ाई की है। करीब 60 उम्मीदवार तो स्कूल भी नहीं गए हैं।
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इसकी जानकारी एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की उम्मीदवारों की रिपोर्ट से मिली है। दिल्ली राज्य चुनाव आयोग में उम्मीदवारों की शपथ पत्र के विश्लेषण के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई है। 1349 उम्मीदवारों में से 1336 को इसमें शामिल किया गया है। इनमें से छह उम्मीदवारों ने पीएचडी की है। सिर्फ 36 फीसदी यानि 487 उम्मीदवारों ने ही उच्च शिक्षा हासिल की है। 12 उम्मीदवार डिप्लोमा धारक हैं। दूसरी तरफ 60 उम्मीदवार निरक्षर हैं जबकि 20 ने खुद को सिर्फ साक्षर बताया है। स्कूली शिक्षा इन्होंने नहीं ली है।
दूसरी तरफ निगम उम्मीदवारों में उनकी संख्या ज्यादा है, जिन्होंने 40 साल की उम्र पार कर ली है। करीब 55 फीसदी उम्मीदवार 41-60 आयु वर्ग में हैं। 40 और उससे कम उम्र के उम्मीदवारों की संख्या करीब 38 फीसदी है। वहीं, पांच फीसदी उम्मीदवार 61-80 वर्ष की आयु वर्ग के हैं।
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एमसीडी चुनाव लड़ रहे 556 उम्मीदवार करोड़पति हैं, इनमें 151 उम्मीदवारों के पास पांच करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है, जबकि 217 उम्मीदवारों की दो से पांच करोड़, 365 उम्मीदवारों के पास 50 लाख से दो करोड़ और 283 उम्मीदवारों के पास 10 लाख से कम संपत्ति है। भाजपा के 162 उम्मीदवार, आम आदमी पार्टी के 148 उम्मीदवार और कांग्रेस के 107 उम्मीदवारों के पास एक करोड़ रुपये से अधिक संपत्ति है। एमसीडी चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 2.27 करोड़ रुपये है।