डीयू में कोरियाई भाषा की शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
दिल्ली विश्वविद्यालय में कोरियाई भाषा की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रयास शुरू किए गए हैं। इसके लिए डीयू और कोरिया की क्यूंगपुक नेशनल यूनिवर्सिटी के बीच एक समझौता हुआ है। सोमवार को दोनों विश्वविद्यालयों के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर डीयू के रजिस्ट्रार डॉ. विकास गुप्ता और क्यूंगपुक नेशनल यूनिवर्सिटी के अंतरराष्ट्रीय विकास संस्थान के निदेशक प्रोफेसर ह्वांग ह्वा-सेओक ने क्यूंगपुक नेशनल यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधि के रूप में दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया।
डीयू के कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह ने कहा कि दोनों विश्वविद्यालयों के बीच पारस्परिक रूप से लाभप्रद सहयोग की दिशा में दोस्ती की भावना से यह पहला कदम है। डॉ. विकास गुप्ता ने कहा कि इस समझौता ज्ञापन के तहत, क्यूंगपुक नेशनल यूनिवर्सिटी कार्यक्रम के विकास और संचालन के लिए भाषा प्रयोगशाला एवं बुनियादी ढांचे के नवीनीकरण जैसे कार्यों के लिए डीयू को धन उपलब्ध कराएगी। इसके अतिरिक्त उन्होंने एक कोरियाई भाषा प्रशिक्षक भी नियुक्त किया है। और पूर्वी एशियाई अध्ययन विभाग से सालाना दस विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति की पेशकश की प्रतिबद्धता जताई है।
यह समझौता ज्ञापन एक वर्ष तक प्रभावी रहेगा और अगले तीन वर्षों के लिए प्रतिवर्ष इसे नवीनीकृत किया जाएगा। इस अवसर पर पूर्वी एशियाई अध्ययन विभाग के प्रमुख प्रो नबीन पांडा एवं कोरियाई अनुभाग के अन्य संकाय, इंटरनेशनल रिलेशन की चेयर पर्सन प्रो. नीरा अग्निमित्रा, प्रो. अनिल राय, डीन इंटरनेशनल रिलेशन (सामाजिक विज्ञान और मानविकी) और प्रोफेसर आशुतोष भारद्वाज, डीन इंटरनेशनल रिलेशन (विज्ञान और प्रौद्योगिकी) समेत अन्य अधिकारी व गणमान्य लोग उपस्थित थे।