राजधानी के निजी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2016-17 केअंतर्गत नर्सरी में होने वाले दाखिले सौ प्वॉइंट सिस्टम के आधार पर होंगे। स्कूलों के सौ अंकों के फॉर्मूले में तीन मानक एल्युमिनी, सिबलिंग व दूरी मुख्य रूप से रहेंगे।
एकल कन्या, एकल बालक, स्थानांतरण केस, अच्छी आदतों को स्कूल अपने हिसाब से मानकों में शामिल करेंगे। स्कूलों ने प्वॉइंट सिस्टम के तहत अपने मानक लगभग तय कर लिए हैं।
संभवत: अगले हफ्ते से स्कूल अपनी वेबसाइट पर फॉर्मूले को जारी करने लगेंगे। स्कूलों का कहना है कि जो भी फॉर्मूला तैयार किया गया है, वह पैरेंट्स फ्रेंडली होगा।
स्कूल 100 अंकों वाले फॉर्मूले को ही अपनाएंगे
निजी स्कूलों की संस्था एक्शन कमेटी के उपाध्यक्ष व दिल्ली स्टेट पब्लिक स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष आर. सी. जैन ने बताया कि स्कूल 100 अंकों वाले फॉर्मूले को ही अपनाएंगे।
इस फॉर्मूले में एल्युमिनी, सिबलिंग व दूरी के मानक अहम रहेंगे। उन्होंने बताया कि एक दिसंबर को फॉर्मूले को लेकर बैठक हुई थी, जिसमें तय हुआ कि 100 अंकों वाले फॉर्मूले को ही अपनाया जाएगा।
स्कूल अपने क्षेत्र की स्थिति के हिसाब से कुछ मानक तय करेंगे। वहीं किस मानक को कितने अंक दिए जाएं, इस बारे में जल्द ही स्कूल फैसला कर लेंगे। 14 दिसंबर को एक और होगी, जिसमें स्कूल आगे की रणनीति तय करेंगे।
ऐसा हो सकता है 100 प्वॉइन्ट फॉर्मूला
उन्होंने कहा कि निर्णय लिया गया है कि जो भी फॉर्मूला तय होगा, वह पारदर्शी और ऐसा होगा जिससे पैरेंट्स संतुष्ट हों एवं उन्हें राहत मिले। दिल्ली सरकार को एक्शन लेने का कोई मौका स्कूल नहीं देना चाहते हैं।
कोर्ट की ओर से स्कूलों को प्वॉइंट सिस्टम बनाने की स्वायत्तता
मिली हुई है। ऐसे में प्वॉइंट सिस्टम ऐसा रहेगा, जिससे कोर्ट को यह ना लगे
कि स्कूल दी गई स्वायत्तता का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।