आम आदमी पार्टी में लगभग एक महीने से भी अधिक समय से मची कलह खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। पार्टी के आंतरिक लोकपाल एडमिरल रामदास को उनके पद से हटाए जाने से आए दिन एक नया बवाल मच रहा है।
नए घटनाक्रम के तहत एडमिरल रामदास ने एक बार फिर पार्टी को चिट्ठी लिखकर अपने निकाले जाने की वजह पूछी है। गौरतलब है कि पार्टी ने अपने आंतरिक लोकपाल रामदास को उनके पद से हटाने की वजह बताई है कि दिसंबर 2014 में ही उनका कार्यकाल पूरा हो चुका है।
इसलिए रामदास को उनके पद से हटाए जाने में कुछ गलत नहीं है। वहीं रामदास ने अपने पत्र में पूछा है कि पार्टी कैसे कह सकती है कि उनका कार्यकाल खत्म हो चुका है।
समय से पहले खत्म िककिया रामदास का कार्यकाल
गौरतलब है कि एडमिरल रामदास की नियुक्ति नवंबर 2014 में हुई थी और पार्टी के संविधान के अनुसार पार्टी के लोकपाल का कार्यकाल तीन साल का होता है।
ऐसे में एडमिरल रामदास ने अपने पत्र में इसी बात को मुद्दा बनाते हुए पार्टी से पूछा है कि नवंबर 2016 से पहले उनका कार्यकाल कैसे समाप्त किया जा सकता है।
रामदास ने पूछा है कि तीन साल से पहले उनका कार्यकाल खत्म करना तो असंवैधानिक होगा। वहीं इससे पहले भी रामदास के हटाए जाने पर पार्टी के कई दिग्गज सवाल उठा चुके हैं।
रामदास को निकालने पर बागी हुई 'आप' की महाराष्ट्र ईकाई
एडमिरल रामदास के पद से हटाए जाने को लेकर बोलेने वाले सभी नेताओं का कहना है कि जब रामदास को राष्ट्रीय परिषद की बैठक के लिए पुणे से दिल्ली बुलाया गया तो आखिर उन्हें उस बैठक का हिस्सा क्यों नहीं बनने दिया गया।
दरअसल 28 मार्च को हुई राष्ट्रीय परिषद की बैठक से एक दिन पहले ही उन्हें मैसेज भेज दिया गया कि बैठक में गतिरोध होने की संभावना के चलते अगर वो बैठक में ना आएं तो बेहतर होगा।
इसके बाद बिना उन्हें कोई सूचना दिए पार्टी के आंतरिक लोकपाल के पद से भी हटा दिया गया। जिसके लिए अब पार्टी की चौतरफा आलोचना हो रही है। इन्हीं कारणों के चलते पार्टी की महाराष्ट्र राज्य इकाई बागी होने की खबरें आ रही हैं।