सब रहें साथ (एसआरएस) ग्रुप के बाद अब रियल एस्टेट ग्रुप एडल लैंडमार्क लिमिटेड पर भी दिवालिया होने की तलवार लटक गई है। एक फाइनेंस कंपनी ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में दावा पेशकर एडल लैंडमार्ग पर 700 करोड़ रुपया बकाया बताया है। दावे पर सुनवाई के बाद ट्रिब्यूनल ने समाधान के लिए बिल्डर के सभी 17 प्रोजेक्ट पर इनसॉल्वेंसी प्रोफेशनल (दिवालिया विभेदन पेशेवर) तैनात कर दिया है। इनसॉल्वेंसी प्रोफेशनल ने सभी लेनदारों से सबूतों सहित अपने बकाया की दावेदारी प्रस्तुत करने को कहा है।
एडल लैंडमार्क के फरीदाबाद के अलावा पलवल, गुरुग्राम, झज्जर, सिरसा, मेरठ व बंगलूरू में 17 रिहायशी व वाणिज्यिक प्रोजेक्ट हैं। इन प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए रियल एस्टेट ग्रुप एडल लैंडमार्क लिमिटेड ने ईसीएल फाइनेंस लिमिटेड से वर्ष 2013 में 170 करोड़ रुपये का लोन लिया था। भुगतान नहीं होने के कारण ब्याज व अन्य चार्ज के बाद ऋण की यह राशि अब करीब 700 करोड़ रुपये हो चुकी है। इसके भुगतान के लिए फाइनेंस कंपनी ही एडल लैंडमार्क को लॉ ट्रिब्यूनल में घसीट ले गई।
फाइनेंस कंपनी और बिल्डर का पक्ष सुनने के बाद लॉ ट्रिब्यूनल ने इनसॉल्वेंसी प्रोफेशनल उदयराज पटवर्धन को नियुक्त किया है। निवेशकों को 20 दिसंबर 2तक अपने दावे प्रस्तुत करने हैं। सभी दावों का आकलन करने के बाद इनसॉल्वेंसी प्रोफेशनल 180 दिन में लॉ ट्रिब्यूनल को अपनी रपोर्ट देंगे।