मां बबीता बताती है कि 15 साल पहले उनके पति संजय चौधरी का देहांत हो गया था। उनका प्रॉपर्टी डीलिंग का काम था। उनकी मौत के बाद वह अपने बेटे करण और बेटी का पालन पोषण कर रही थी। दो साल पहले लॉकडाउन के दौरान उन्होंने पढ़ाई के लिए अपने बेटे को मोबाइल फोन दिया। पर उन्हें नहीं पता कि कब वह पबजी गेम में फंस गया। वह गेम के जरिए मुंबई में रहने वाली निशा नाम की एक महिला के संपर्क में आया। जिसने उसे पूरी तरह से अपने चंगुल में ले लिया। उस समय बेटे की उम्र 16 साल थी। 2023 में साढ़े 17 साल का होते ही वह दिल्ली से भाग गया।
शिकायत पर नाबालिग को वापस लेकर आई पुलिस
बबीता ने बताया कि बेटे के घर से जाने के बाद उसने पुलिस से शिकायत की। तकनीकी जांच से पता चला कि वह मुंबई चला गया है। शिकायत देने के बाद हरिनगर थाना पुलिस की टीम मुंबई गई। बेटा पबजी गेम के अपने एक दोस्त के साथ पार्क में पकड़ा गया। दिल्ली पुलिस उसे लेकर वापस दिल्ली लेकर आ गई। यहां आने पर पता चला कि निशा नाम की महिला ने उसे मुंबई बुलाया था। जो उसके साथ पबजी गेम खेलती थी।
मुंबई से लड़के के लिए महिला ने भेजा फोन
बेटे के दिल्ली आने पर बबीता उसे अपने साथ काम पर ले जाने लगी। वह उसका ध्यान गेम से हटाना चाहती थी। आरोप है कि महिला ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। मां के फोन न देने पर महिला ने मुंबई से उसके बेटे करण के लिए फोन भेज दिया। उसके लिए खाना भी वह मुंबई से ऑर्डर करती थी। बबीता का आरोप है कि महिला उसके बेटे को लगातार उसके खिलाफ भड़काती रही। उनका यहां तक आरोप है कि महिला ने ही बालिग होने के बाद उसे भागकर मुंबई आने के लिए भड़काया। इसके लिए उसने बेटे को उनके खिलाफ प्रताड़ना की शिकायत करने की सलाह भी दी। इस साल जनवरी में 18 साल होने के दो दिन पहले करण ने अपनी मां के खिलाफ हरिनगर थाने में प्रताड़ना की शिकायत की और 18 साल के होते ही वह दिल्ली से मुंबई भाग गया। 2 फरवरी 2024 को बबीता ने बेटे के गायब होने की शिकायत थाने में की। पुलिस ने उन्हें महिला से समझाने के लिए कहा। बबीता ने महिला से बात की, लेकिन वह धमकी देने लगी कि उनका बेटा उसे अब कभी भी नहीं मिलेगा। बबीता ने 24 को महिला के खिलाफ भी थाने में शिकायत दी। बबीता लगातार महिला से संपर्क कर बेटे को वापस करने के लिए गुहार लगाती रही, लेकिन वह इसके लिए राजी नहीं हुई।
बेटे को वापस दिलाने के लिए आला अधिकारियों से लगाई गुहार
बबीता चौधरी ने बताया कि अपने बेटे को महिला की चंगुल से छुड़ाने के लिए वह दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों के पास शिकायत की है। उनका आरोप है कि लड़के के बालिग होने और अपनी मर्जी से जाने की बाद कहकर पुलिस अपना पल्ला झाड़ रही है। करण की मां का कहना है कि करण ही उसका एकमात्र सहारा है अब वह कहां गुहार लगाए कि उसका बेटा उन्हें वापस मिल सके।
पुलिस ने कहा लड़का मां से दूर रहना चाहता है
इस मामले में पुलिस का कोई भी अधिकारी अधिकारिक बयान नहीं दे रहे हैं। पुलिस के अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि मां की शिकायत पर 17 जुलाई को हरिनगर थाना पुलिस की एक टीम मां को लेकर मुंबई गई थी। निशा नाम की महिला ने उनकी वीडियो कांफ्रेंसिंग से उनके बेटे करण से बात करवाई। करण ने बताया कि वह अपनी मर्जी से यहां रह रहा है। वह अपनी मां के पास जाना नहीं चाहता है।