पांडव नगर की श्री आदर्श रामलीला कमेटी की ओर से भव्य रामलीला का मंचन किया जा रहा है। रविवार को यहां पर भगवान गणेश की विधि विधान से पूजा के बाद रामलीला का मंचन शुरू हुआ था। पहले दिन के मंचन में दर्शकों ने भगवान राम का जन्म देखा था। सोमवार को यहां ताड़का वध और भगवान राम व देवी सीता के स्वयंवर का मनोरम मंचन किया गया।
श्री आदर्श रामलीला कमेटी की ओर से इस साल लगातार 50वें वर्ष रामलीला का मंचन किया जा रहा है। मौजूदा समय तीसरी पीढ़ी यहां पर रामलीला का आयोजन करा रही है। रामलीला कमेटी के महासचिव मनीष वत्स ने बताया कि जहां एक तरफ कोरोना महामारी के कारण रामलीला के आयोजन में सतर्कता और सावधानियों का पूरी तरह ख्याल रखा गया है।
वहीं दूसरी तरफ अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की खुशी और रामलीला आयोजन की 50वीं वर्षगांठ को भी यादगार बनाने का निर्णय लिया गया है। इसलिए इस बार भी पिछली बार की ही तरह 40 गुणें 60 वर्ग फुट आकार का भव्य मंच तैयार किया गया है। हालांकि इस बार 28 कलाकार ही पूरी रामलीला के मंचन में किरदार निभा रहे हैं। रोजाना रात 8 बजे से 11 बजे तक रामलीला का मंचन किया जा रहा है। रामलीला मैदान को चारों तरफ से बैरिकेड लगाकर बंद किया गया है। प्रवेश के लिए केवल एक द्वार बनाया गया है। जहां पर लोगों का मास्क जांचने के बाद हाथों को सैनिटाइज कराया जा रहा है। लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। यहां पर तीन जगह सैनिटाइजर मशीनें लगाई गई हैं।
मैदान के अंदर डेढ़ सौ पुरुषों और डेढ़ सौ महिलाओं के लिए अलग-अलग कुर्सियां लगाई गई हैं। सभी कुर्सियां एक दूसरे से 2 फुट की दूरी पर लगाई गई हैं। कोविड-19 का पालन कराने के लिए रामलीला समिति और दिल्ली पुलिस की ओर से करीब 50 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। 28 अक्टूबर को रामलीला समाप्त होगी। पांडव नगर में निकलने वाली राम की बारात हर वर्ष पूर्वी दिल्ली की सबसे बड़ी बारात होती थी। लेकिन इस बार यहां पर भव्य राम की बारात नहीं निकाली जाएगी।