आंदोलनकारी किसानों के समर्थन में पहुंची अभिनेत्री गुल पनाग ने कहा कि सरकार की नीयत पर किसानों को शक है। इसे दूर कर, किसानों का दिल जीतने के लिए सरकार को प्रयत्न तो करना ही पड़ेगा। गुल पनाग ने किसानों के आंदोलन के बारे में अलग अलग तरह के भ्रामक बातों पर निशाना साधते हुए कहा कि सभी आरोप बेबुनियाद हैं। अपने घर-परिवारों को छोड़कर आए, किसान सर्द रातों की परवाह किए बगैर अपने अधिकारों की लड़ाई में जुटे हुए हैं।
पनाग ने आंदोलनकारी किसानों पर लगाए जा रहे आरोपों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि कोई यहां कृषि कानूनों के किसी दूसरी गतिविधि में शामिल हैं। अगर ऐसा नहीं है तो बेबुनियाद आरोप क्यों लगाए जा रहे हैं। इस वजह से ही सरकार और किसानों के बीच संवाद आगे नहीं बढ़ पाया।
गुल पनाग ने कृषि बिलों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जिस तरह कृषि बिलों को ऑर्डिनेंस के रूप में लाया गया। लॉकडाउन के दौरान इसे बगैर किसानों से बगैर मशविरा इसे लोकसभा और राज्यसभा में कैसे पास कर दिया गया। किसानों के समर्थन में आगे भी आवाज उठाती रहेंगी, क्योंकि इनकी मांगे जायज हैं और आंदोलन को झूठ की बदौलत कमजोर करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।