प्राधिकरण में आवंटियों की फाइलें दबाकर बैठने वाले नौ कर्मचारियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई होगी। एसीईओ केके गुप्ता ने बृहस्पतिवार को औचक निरीक्षण किया और नौ कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर दी है। स्थायी कर्मचारियों को आरोप पत्र दिए जाएंगे और प्लेसमेंट के कर्मचारियों को निकाला जाएगा।
एसीईओ केके गुप्ता सुबह करीब 10 बजे ही नियोजन विभाग में पहुंच गए। 10 कर्मचारियों के टेबल का निरीक्षण किया। एसीईओ ने डीजीएम प्लानिंग सहायक नियोजन के अलावा अवधेश शुक्ला, जगमोहन गेहरा, सुरेश कुमार, टिंकू सिंह, राजेश शर्मा, दीपक आनंद, अवधेश सिंह, अरविंद त्रिपाठी, श्रवण प्रसाद आदि के डेस्क पर जाकर जांच की। इसमें तीन कर्मचारी प्लेसमेंट के बताए जा रहे हैं। इनके पास से 50 से अधिक फाइलें लंबित मिलीं। कुछ फाइलें ऐसी भी मिलीं, जो दो-तीन वर्ष पुरानी हैं।
जैसे आवेदन के बाद आवंटियों की सीसी बन गई, लेकिन उसका क्लोजर लगाकर फाइलों को बंद नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि डीजीएम के यहां भी फाइलें लंबित मिली हैं। उनसे 15 दिन में सभी लंबित मामले निपटाने के लिए कहा गया है। अगर नहीं निपटाएंगी तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। एसीईओ ने स्थायी कर्मचारियों को आरोप पत्र देने को कहा है, जिसमें देरी का कारण पूछा जाएगा। अगर संतोषजनक जवाब न मिला तो उनको नौकरी से निकालने के लिए सीईओ के जरिये शासन को भेजा जाएगा। वहीं, प्लेसमेंट पर काम करने वालों को सीईओ से अनुमति लेकर नौकरी से निकाला जाएगा।