-दिल्ली सरकार के अनुसार, जांच के बाद 44 इकाइयों पर पर्यावरणीय मुआवजा लगाया गया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने औद्योगिक इकाइयों से होने वाले प्रदूषण पर सख्ती बढ़ाते हुए इस साल जनवरी से जुलाई के बीच 2,011 औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण किया। जांच में 106 इकाइयां पर्यावरणीय नियमों का पालन करती नहीं मिलीं। इनमें से कई के पास संचालन की जरूरी अनुमति भी नहीं थी। दिल्ली सरकार के अनुसार, जांच के बाद 44 इकाइयों पर पर्यावरणीय मुआवजा लगाया गया, जबकि नियमों का पालन नहीं करने वाली 33 फैक्ट्रियों को बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं। बाकी मामलों में भी नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।
निरीक्षण के दौरान 78 औद्योगिक इकाइयां दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) की जरूरी संचालन की सहमति अनुमति के बिना चलती मिलीं। सरकार का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्लीवासियों को स्वच्छ हवा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। पर्यावरण नियमों का पालन करने वाले उद्योगों को सरकार सहयोग देगी, लेकिन नियम तोड़कर प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
सड़क और वाहनों के प्रदूषण पर भी नजर
मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्रवाई केवल औद्योगिक प्रदूषण तक सीमित नहीं है। सड़क की धूल, वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण और तोड़फोड़ से होने वाला प्रदूषण, खुले में कचरा जलाने और अन्य प्रदूषणकारी गतिविधियों पर भी निगरानी बढ़ाई गई है। रेखा गुप्ता ने बताया कि औद्योगिक इलाकों में नियमित निरीक्षण और जमीनी स्तर पर निगरानी के जरिए प्रदूषण के स्रोतों की पहचान की जा रही है, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। सरकार ने दिल्लीवासियों से भी प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों की सूचना देने की अपील की है। खुले में कचरा जलाने, धूल फैलाने, अवैध रूप से कचरा डालने या किसी औद्योगिक इकाई से प्रदूषण फैलने की शिकायत ग्रीन दिल्ली एप और एमसीडी 311 एप के जरिए की जा सकती है।