कार्रवाई में 10 दिनों में 163 ढांचे गिराए गए, राजस्व विभाग की जांच में फंसे होटल और गेस्ट हाउस
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
राजधानी में अवैध निर्माण और अग्नि सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ प्रशासन ने अपना अभियान तेज कर दिया है। बुधवार को दिल्ली नगर निगम और राजस्व विभाग ने अलग-अलग स्तरों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए दर्जनों संपत्तियों पर बुलडोजर चलाया और कई अवैध निर्माणों को सील किया।
एमसीडी ने बुधवार को ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 23 संपत्तियों में गिराया और 6 संपत्तियों को सील कर दिया। इसके अतिरिक्त, अनधिकृत निर्माण के लिए 44 कारण बताओ नोटिस और 3 डिमोलिशन ऑर्डर भी जारी किए गए हैं। जून महीने के पहले 10 दिनों के आंकड़ों पर गौर करें तो प्रशासन अब तक कुल 163 डिमोलिशन और 205 संपत्तियों को सील करने की बड़ी कार्रवाई कर चुका है। 190 संपत्तियों को कारण बताओ नोटिस दिए गए हैं।
बुधवार को जिलों में 60 साइटों की हुई जांच
राजस्व विभाग ने भी बुधवार को विभिन्न जिलों में 60 साइटों का निरीक्षण किया। विभाग ने जानकारी दी कि 5 जून से 10 जून के बीच अब तक कुल 517 साइटों का दौरा किया गया है। बुधवार को हुई कार्रवाई में बाहरी-उत्तरी जिले के दरियापुर कलां में अवैध निर्माण को ढहाया गया। वहीं, मध्य और पश्चिम दिल्ली के करोल बाग, पहाड़गंज और राजौरी गार्डन जैसे इलाकों में कई होटलों और गेस्ट हाउसों की जांच की गई। जांच के दौरान होटल मिलन डीएक्स, होटल ले-वॉलनट और होटल लाल हवेली जैसे प्रतिष्ठानों में गंभीर खामियां पाई गईं, जिनमें इमरजेंसी एग्जिट का बंद होना, फायर अलार्म का काम न करना और बिना लाइसेंस के लिफ्ट का संचालन शामिल है। राजस्व विभाग ने इन उल्लंघनों पर नोटिस जारी किए हैं और कई मामलों में रिपोर्ट आगे की कार्रवाई के लिए एमसीडी और फायर विभाग को भेज दी है। नजफगढ़ और यमुना विहार जैसे क्षेत्रों में भी अनधिकृत निर्माण के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।