दिल्ली के राजौरी गार्डन इलाके में मंगलवार सुबह मेन बाजार में बाइक सवार दो लड़कों ने एक महिला डॉक्टर पर तेजाब फेंक दिया। हमले में 30 साल की डॉक्टर का चेहरा बुरी तरह झुलस गया।
गंभीर हालत में उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया। डॉक्टर की एक आंख को नुकसान पहुंचा है। चौंकाने वाली बात ये है कि युवती की चंद दिनों बाद शादी तय है।
पुलिस के मुताबिक मूलरूप से पंजाब की रहने वाली डॉक्टर अमृता कौर (30) भाई के साथ हरी नगर में रहती हैं। उनके पिता बीएसएफ में डीआईजी हैं और मध्य प्रदेश में तैनात हैं। अमृता का बाकी परिवार पंजाब में रहता है।
अमृता बसईदारापुर रिंग रोड, बाली नगर स्थित ईएसआई अस्पताल में डॉक्टर हैं। इससे पहले वह नोएडा के एक निजी अस्पताल में भी काम कर चुकी हैं।
प्यार में पड़े सिरफिरे की हो सकती है हरकत
मंगलवार सुबह अन्य दिनों की तरह वह अपनी सफेद स्कूटी से अस्पताल के लिए निकलीं। जैसे ही वह राजौरी गार्डन मेन मार्केट में हरी ज्वेलर के पास पहुंचीं, उनके साथ एक बाइक पर सवार दो युवक चलने लगे।
करीब 50 मीटर साथ चलने के बाद एक युवक ने अमृता से उनका बैग छीन लिया और पीछे बैठे युवक ने उनके चेहरे पर दाईं ओर से तेजाब डाल दिया। वारदात के बाद बदमाश फरार हो गए।
अमृता दर्द से चिल्लाने लगीं। स्थानीय लोगों ने मामले की सूचना पुलिस और परिजनों को दी। सूत्रों के मुताबिक अमृता का चेहरा 40 से 50 फीसदी झुलस गया है। पुलिस को शक है कि यह हरकत एकतरफ प्यार में पड़े किसी सिरफिरे की हो सकती है।
आम आदमी पार्टी के नेता आशुतोष ने कहा है कि राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा खस्ताहाल है। बावजूद इसके दिल्ली पुलिस व प्रशासन का रवैया ठीक नहीं है।
विरोध में निकाला कैंडल मार्च
हमारी मांग है कि इस मामले में जल्द से जल्द गिरफ्तारी हो। साथ ही समयबद्ध तरीके से मामले का निपटारा हो ताकि पीड़िता को इंसाफ मिल सके।
राजौरी गार्डन इलाके में मंगलवार को तेजाब डालने की घटना के विरोध में स्टॉप एसिड अटैक कंपेन के सदस्यों ने घटना स्थल के आसपास कैंडल मार्च निकाला। इसमें तेजाब पीड़ितों ने हिस्सा लिया।
इन लोगों आरोपियों को जल्द पकड़कर सजा दिलवाए जाने की मांग की। शाम करीब 7:30 बजे मेन मार्केट राजौरी गार्डन से शुरू हुआ मार्च एक किलोमीटर के इलाके में निकाला गया।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद बिक रहा तेजाब
तेजाब की बिक्री पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राजधानी में खुलेआम एसिड बिक रहा है। यही वजह है कि सिरफिरों को आसानी से तेजाब मिल जाता है और वह मासूम लड़कियों व अन्य लोगों को अपना शिकार बना लेते हैं।
स्टॉप एसिड अटैक कैंपेन से जुड़े चेतन गुप्ता बताते हैं कि कोर्ट का आदेश आने के बाद कुछ दिनों के लिए दुकानों से तेजाब गायब हो गया था, लेकिन उसके कुछ ही दिनों बाद दुकानों पर फिर दिखने लगा। चेतन ने तेजाब की बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।