10 दिसंबर को गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से पिता को शराब पिलाकर उनकी चार माह की बच्ची को चोरी करने के मामले का जीआरपी की टीम ने खुलासा कर दिया। पुलिस ने इस मामले में पीलीभीत के घुनगचाई कसगंजा निवासी विकास कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने बच्ची को बेचने के लिए चोरी किया था।
जीआरपी के एसपी आशुतोष शुक्ला ने बताया कि 10 दिसंबर को मध्य प्रदेश के छतरपुर के लवकुश नगर निवासी दीपक कुमार गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर आगरा जाने के लिए पहुंचे थे, तभी उनको एक अनजान युवक मिला, जिसने उनको शराब पिलाकर उनकी चार माह की बच्ची को चोरी कर लिया था। जीआरपी की 10 टीम इस पर काम कर रही थी, जब घटना हुई उस वक्त आरोपी के पास जो नंबर था, उसकी जांच की गई तो पता चला कि सोनीपत में भी ट्रेन में एक यात्री को शराब पिलाकर उनका मोबाइल चोरी कर लाया था।
इसके बाद पुलिस ने आगे की जांच शुरू की। दिल्ली, सोनीपत, पानीपत, करनाल के स्टेशनों पर पुलिस की टीम में तैनात की गई, तब पता चला कि एक संदिग्ध जो करनाल में रात में रेन बसेरे में रुका था। उसने वहां अपना आधार कार्ड जमा किया था। आधार कार्ड के आधार पर ही पुलिस की टीम पीलीभीत पहुंची और विकास कुमार को उसकी बहन की ससुराल से गिरफ्तार किया गया।
आरोपी बच्ची को अपनी बहन को यह कहकर दिया था कि उसको वह स्टेशन पर लावारिस मिली है। इसके बाद वह ग्राहक तलाशने में जुटा था, लेकिन उसको कोई ग्राहक बच्ची को खरीदने के लिए नहीं मिला था। पुलिस आरोपी के अपराधिक इतिहास की जानकारी कर रही है। आरोपी तक पहुंचनेके लिए पुलिस ने गाजियाबाद रेलवे स्टेशन के अलावा आसपास के1000 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले। 2000 से ज्यादा मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल खंगाली, तब जाकर इस मामले में कामयाबी मिली।
छानबीन में पता चला है कि आरोपी पहले भी यात्रियों को इसी तरह नशे की हालत में करके उनका मोबाइल व अन्य सामान चोरी कर चुका है। जीआरपी गाजियाबाद की टीम को एसपी ने पुरस्कार देने की घोषणा की है। इस मौके पर जीआरपी सीओ सुदेश गुप्तानिरीक्षक अनुज मलिक आदि मौजूद रहे। उधर, बच्ची के मिलने पर मां और उसके पिता की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने भी जीआरपी के इस प्रयास की सराहना की।