वजीराबाद इलाके में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार रवि और मुस्तकीम उर्फ बुढ़ा ने पुलिस की वर्दी का इंतजाम वारदात के लिए किया था। यूपी में बिजनौर के रहने वाले इन दोनों बदमाशों के खिलाफ दिल्ली में में काफी मामले दर्ज हैं। रवि आपराधिक प्रवृति के अपने भाई की पैरवी करने के लिए दिल्ली आया था। फिर वह खुद अपराध की दुनिया में उतर गया।
गौरतलब है कि एसीपी ललित मोहन नेगी व हृदयभूषण की देखरेख में इंस्पेक्टर रविंद्र कुमार त्यागी व अजय कुमार की टीम ने जीराबाद-बुराडी सीसी रोड पर, झरौदा के पास मंगलवार रात मुठभेड़ के बाद इन दोनों को गिरफ्तार किया था। रवि के पैर में गोली लगी थी। उसके कब्जे से .32 बोर की पिस्टल व दो कारतूस, मुस्तकीम से 9 एमएम की पिस्टल व दो कारतूस मिले थे। इनसे पुलिस की वर्दी व दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। रवि और मुस्तकीम हत्या की कोशिश, लूट, झपटमारी, चोरी आदि के यूपी व दिल्ली में दर्जनों मामलों में शामिल रहे हैं।
रवि के भाई राजू के खिलाफ दिल्ली व यूपी में दर्जनों मामले दर्ज हैं। वर्ष 2014 में रवि राजू की पैरवी करने दिल्ली की कोर्ट में आया था। यहां यह यूपी निवासी इमरान, मुस्तकीम और सलीम उर्फ मुल्लाजी के संपर्क में आया। ये सभी राजू के साथी थे। नवंबर 2018 में विवेक विहार थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। जेल से बाहर आने के बाद यह कोर्ट में पेश नहीं हुआ। यह हिमाचल प्रदेश में रहकर दिल्ली व यूपी में वारदात कर रहा था।
मुस्तकीम वर्ष 1990 में दिल्ली में नौकरी खोजने आया था। उसे वीसीआर चुराने के आरोप में सीलमपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जेल से आकर वह मुंबई चला गया। यहां वह बिजनौर, यूपी निवासी सलीम उर्फ मुल्लाजी के संपर्क में आया। वर्ष 2014 में वह बिजनौर में चोरी में गिरफ्तार हुआ था। जेल में वह राजू व डासना, गाजियाबाद निवासी इमरान के संपर्क में आया।