नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की कैद
पड़ोस में रहने वाली 16 साल की नाबालिग से दुष्कर्म व जान से मारने की धमकी देने के दोषी रिक्शा चालक शामल मंडल को जिला अदालत ने 20 साल कैद की सजा सुनाई है। पुख्ता सबूतों व गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी करार देते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हेमराज मित्तल की अदालत ने सजा पर फैसला सुनाया है। पैनल अधिवक्ता रविंद्र गुप्ता ने बताया कि अदालत ने दोषी पर 1 लाख 5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
महिला थाना एनआईटी में यह एफआईआर 12 अप्रैल 2021 को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 व आईपीसी की धारा 506 में दर्ज हुई थी। 16 साल की लड़की ने मामले में पुलिस को शिकायत दी थी। आरोप पश्चिम बंगाल के मूल निवासी रिक्शा चालक शामल मंडल पर लगा। किशोरी ने पुलिस को बताया कि पड़ोस में रहने वाला आरोपी अक्सर उनके घर आता था। साल 2020 में एक दिन किशोरी भी आरोपी के घर गई तो उसने दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। डर के चलते 9वीं की छात्रा चुप रही। फरवरी 2021 में फिर से आरोपी किशोरी को अपने घर ले गया और दुष्कर्म किया। साथ ही किसी को बताने पर दोबारा जान से मारने की धमकी दी।
किशोरी के अनुसार कुछ दिन बाद उसे मासिक धर्म नहीं आए। साथ ही तबीयत खराब होने पर उल्टी आई तो मां ने देखा। मां उसे दवा दिलाने डॉक्टर के पास ले गई तो पता चला कि किशोरी गर्भवती है। मां के पूछने पर किशोरी ने पूरी कहानी बताई। तब मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा। उसके खिलाफ चालान तैयार कर अदालत में पेश किया गया जिसमें 15 गवाह बनाए गए। सरकारी वकील सुरेश चौधरी ने गवाहों की गवाही कराई। सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा पर फैसला सुनाया है।