बीते पांच-छह साल से साधारण सा दिखने वाला युवक वतन से गद्दारी कर रहा था। दो बार पाकिस्तान में अपने आकाओं संग कई माह बिता कर लौटा और संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त हो गया। इसकी जिला पुलिस और खुफिया तंत्र को भनक तक नहीं लगी।
इसे पुलिस फेलियर या खुफिया तंत्र की नाकामी ही कहा जाएगा। अधिकारी अब मौन हैं, लेकिन एक आईएसआई एजेंट की गिरफ्तारी इस ओर इशारा कर रही है। खुर्जा जो कि पहले भी आतंकियों और आईएसआई एजेंटों के लिए पनाहगार रह चुका है।
इसके बावजूद खुफिया तंत्र की सक्रियता क्षेत्र में फेल नजर आ रही है। खुर्जा के मोहल्ला तरीनान निवासी जाहिद के आईएसआई एजेंट बनने और देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने से यह साफ हो रहा है। खुफिया विभाग ने पांच-छह सालों में यह तक जानने की कोशिश नहीं की कि आखिर पाकिस्तान से लौटने के बाद वह क्या कर रहा है।