साहब, तुम्हीं बताओ क्या 70 साल का बुजुर्ग ऊंची दीवार फांद सकता है? जो ठीक से चल भी नहीं पाता। हमारे तीन बेटे मार दिए गए। अभी तक हमें न्याय भी नहीं मिला है।
अब फिर से हमारे ही परिवार के लोगों को जेल में डाला जा रहा है। आखिर हम किसके सहारे जीएं। एक साल की पोती अपने बाप का चेहरा भी नहीं देख पाई है। क्या ये बच्चे मासूम नहीं हैं? तब मीडिया कहां थी?
हम अपने बच्चों को लेकर कहां जाएं? ये दास्तां हैं उस परिवार के 75 साल की बुजुर्ग महिला राजवती की, जिनके बेटे और दो भतीजों की एक साल पहले मोबाइल झगड़े में हत्या की जा चुकी है।