पुलिस अधिकारी को गोली मार, हथकड़ी संग हो गया था फरार-
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पहले कबड्डी खिलाड़ी था। इसी दौरान उसका संपर्क अपराधियों से हुआ। 10 मई 1998 की रात हरियाणा के सोनीपत जिले के गांव सैयां खेड़ा में एक शादी समारोह के दौरान दुल्हन पक्ष से विवाद हो गया। आरोप है कि उसने अपने पांच हथियारबंद साथियों के साथ अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें हरियाणा पुलिस के जवान जय भगवान, जो दुल्हन के चाचा थे, की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। इस मामले में थाना गन्नौर में हत्या, हत्या के प्रयास, दंगा और आर्म्स एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज हुआ था।
पहले बना टीचर, फिर फर्जी डॉक्टर बन चला रहा था क्लीनिक
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त के चंदर कुमार सिंह ने बताया, कि 14 फरवरी 1999 को आरोपी को गाजियाबाद जेल से सोनीपत अदालत ले जाया जा रहा था। इसी दौरान वह हथकड़ी लगे होने के बावजूद पुलिस हिरासत से फरार हो गया। इस संबंध में भी अलग से मामला दर्ज किया गया था। फरारी के बाद आरोपी पहले महाराष्ट्र के कोलाबा पहुंचा, जहां उसने एक वर्ष तक केंद्रीय विद्यालय में शारीरिक शिक्षा शिक्षक (पीटी) के रूप में काम किया। बाद में वह मध्य प्रदेश के अशोक नगर जिले के मुंगावली में बस गया और राजेंद्र सिंह यादव के नाम से रहने लगा।
वर्ष 2003 में उसने ममता यादव से विवाह किया, जो वर्तमान में सरकारी अस्पताल में एएनएम के पद पर कार्यरत हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस और मूल निवास प्रमाण पत्र सहित कई स्थानीय दस्तावेज भी बनवा लिए थे। उसके दो बच्चे हैं, जो कक्षा 11 और 12 में पढ़ते हैं। बता दें, कि आरोपी के खिलाफ दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और चोरी सहित कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से कई मामलों में उसे घोषित अपराधी भी घोषित किया जा चुका था।