पश्चिम विहार वेस्ट में 12 साल की लड़की के साथ दरिंदगी करने वाला आरोपी 2006 में एक महिला की हत्या के आरोप में गिरफ्तार हुआ था। निचली अदालत ने उसे उम्र कैद की सजा भी सुना दी थी।
लेकिन वर्ष 2013 में जब मामला दिल्ली हाईकोर्ट में पहुंचा तो अदालत ने हत्या की धारा को गैर इरादतन हत्या की धारा में बदल दिया था। इसका फायदा उठाकर आरोपी उम्र कैद के बजाए 10 साल से भी कम समय में जेल से रिहा हो गया था। तिहाड़ में सजा काटने के दौरान यह रसोईया का काम करता था।
उधर, जेल से आने के बाद भी उसने अपराध करना नहीं छोड़ा। उसने अपने कजिन पर जानलेवा हमला किया। इसके अलावा दो चोरी की वारदातों में वह जेल भी गया, लेकिन कुछ माह बाद रिहा होकर बाहर आ गया।
पुलिस के मुताबिक आरोपी कृष्ण कुमार मंगोलपुरी इलाके का रहने वाला है। वह माता-पिता और दो भाईयों के साथ वहां रहता था। कम उम्र से उसे शराब की लत लग गई थी। इसी लत की वजह से उसने अपराध भी करना शुरू कर दिए थे। 2006 में वह चोरी की नियत से अपने साथी के सा एक मकान में घुसा।
वहां उसने चोरी का विरोध करने पर 29 साल की एक महिला की ईंट से वारकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने कुछ दिनों बाद ही आरोपी को हत्या के आरोप में दबोच लिया। कोर्ट ने उसे उम्र कैद की सजा सुना दी।
इधर कृष्ण के माता-पिता ने उसे संपत्ति से बेदखल कर दिया। 2015 में वह जेल से बाहर आया और उसने प्लास्टिक की एक फैक्टरी में नौकरी शुरू की। इस बीच उसका कजिन से झगड़ा हुआ तो उसने उस पर जानलेवा हमला कर दिया।
लेकिन गवाही न देने पर उस मामले से भी आरोपी बरी हो गया। 2016 में कृष्ण ने एक फैक्टरी में चोरी की, जिसके बाद वह गिरफ्तार हो गया। चार माह बाद जेल से आने के बाद दोबारा वह चोरी में गिरफ्तार हुआ। जेल से छुटने के बाद वह शराब पीने की लत पूरी करने के लिए लगातार अपराध कर रहा है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।