स्पेशल सेल पुलिस उपायुक्त राजीव रंजन सिंह के अनुसार, इंस्पेक्टर विनय पाल व अरविंद सिंह की टीम गैंगस्टर पर नजर बनाए हुई थी। इस दौरान सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति दिल्ली-एनसीआर में नकली नोट छापने व उन्हें खपाने में लगा हुआ है। पता चला कि प्रशांत नकली नोट लेकर इंद्रप्रस्थ पार्क आएगा।
एसीपी ललित मोहन नेगी की देखरेख में इंस्पेक्टर विनय व अरविंद सिंह की टीम ने घेराबंदी कर प्रशांत को गिरफ्तार कर लिया। मौके से 2000, 500 व 200 के नकली नोट बरामद हुए। प्रशांत 100 का नकली नोट 30 रुपये में बेचता था। मौके से बरामद पेपर से पांच करोड़ रुपये के नकली नोट छापे जा सकते थे।
जेल में सीखा नोट बनाना
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रशांत ने 10वीं में पढ़ाई छोड़कर एसी रिपेयर का काम सीखा था। लोनी की सिहानी थाना पुलिस ने उसे वर्ष 2015 में चोरी की बाइक के साथ पकड़ा था। जेल में उसकी मुलाकात नकली नोट छापने वाले अमित से हुई। अमित ने उसे नकली नोट छापने व बाजार में खपाना बताया। गाजियाबाद व मेरठ पुलिस ने उसे एक-एक बार नकली नोट पहले भी गिरफ्तार कर चुकी हैं।