भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने जल बोर्ड टैंकर घोटाले में पूर्व जल मंत्री कपिल मिश्रा से मंगलवार को फिर पूछताछ की। कपिल मिश्रा ने जो आरोप केजरीवाल के दो निजी सहायकों पर लगाए गए थे, उसे लेकर पूछताछ की गई है। बीते सप्ताह केजरीवाल के एक सहायक विभव से पूछताछ हो चुकी है।
मंगलवार को पूछताछ में एसीबी चीफ मुकेश कुमार मीणा के साथ दूसरे अधिकारी भी शामिल हुए। विभव से पूछताछ में जो तथ्य सामने आए थे, उसे ही आधार बनाकर कपिल से सवाल किए गए। कपिल मिश्रा से वो सवाल भी पूछे गए, जिसके आधार पर उन्होंने केजरीवाल और उनके निजी सहायकों पर जांच को प्रभावित करने का आरोप लगाया था। एसीबी उनसे यह जानने की कोशिश में है कि आखिर कैसे उन्हें जांच को आगे नहीं बढ़ाने को कहा गया।
दरअसल, बीते सप्ताह 17 मई को निजी सहायक विभव से पूछताछ हुई थी। उसमें एसीबी ने जांच को प्रभावित करने को लेकर सवाल पूछे थे। आरोप है कि केजरीवाल ने उन्हें जांच रोकने के लिए कहा था। कपिल मिश्रा पर दबाव बनाने की बात पूछी गई थी। इसे लेकर विभव ने सिरे से खारिज कर दिया था। अब उन्हीं सवालों को लेकर कपिल से पूछा गया कि उनपर किस तरह दबाव बनाया गया। केजरीवाल या उनके सहायकों ने कब किस तरह से जांच को आगे नहीं बढ़ाने का निर्देश दिया।
बताते चलें कि दिल्ली सरकार में मंत्री पद से हटाए जाने के बाद विधायक कपिल मिश्रा ने टैंकर घोटाले को लेकर एसीबी में शिकायत की थी। इसमें केजरीवाल पर जांच को प्रभावित करने का आरोप लगाया था। साथ ही इसमें केजरीवाल के दो सहयोगी निजी सचिव विभव पटेल और राजनीति सलाहकार आशीष तलवार का नाम लिया था।
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट में घोटाले की जांच एसीबी में पहले से चल रही है। अब उसमें मंत्री पद से हटाने के बाद कपिल मिश्रा भी कूद गए हैं। मंगलवार को जब वह जलबोर्ड टैंकर घोटाले में पूछताछ के लिए एसीबी पहुंचे तो उन्होंने हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट में घोटाले के दस्तावेज एसीबी अधिकारियों को दिए।
कपिल मिश्रा ने बताया कि हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट में करीब 400 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। उन्होंने कहा कि जो गलतियां पिछली सरकार ने की थी, वहीं घोटाला मौजूदा सरकार भी कर रही है। इसमें मौजूदा सरकार के कई नेता की मिलीभगत है।