न डाटा है और न ही कोई वीडियो रिकॉर्डिंग मिली
मालवाहक वाहनों का फिटनेस प्रमाण पत्र लेने के लिए सबसे पहले वाहन को जिस कंपनी का वाहन है, उसके फिटनेस सेंटर में ले जाया जाता है। यहां पर वाहन के स्पीड गवर्नर को देखा जाता है। साथ ही अन्य तकनीकी पहलुओं का भी निरीक्षण होता है। इस प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी होती है। यहां पर जांच के बाद आरटीओ प्रबंधक प्रमाण पत्र देता है। फिर उक्त प्रमाण पत्र को प्राधिकरण में जमा कराया जाता है, यहां पर संबंधित अधिकारी स्टैंप लगाकर फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करता है। अधिकारियों के अनुसार, कितने वाहनों का निरीक्षण हुआ इसका डाटा फिटनेस सेंटरों को रखना होता है, लेकिन जांच में सामने आया है कि फिटनेस सेंटरों में एक भी नियम का पालन नहीं किया गया है। फिटनेस सेंटरों में न तो डाटा है और न ही कोई वीडियो रिकॉर्डिंग मिली है।
बुराड़ी प्राधिकरण के अधिकारी अपने को बता रहे पाक-साफ
बुराड़ी प्राधिकरण में वाहन निरीक्षण यूनिटी (वीआईयू) द्वारा वाहनों के फिटनेस का काम देखा जाता है। यहां तैनात अधिकारी अपने को उक्त मामले में पाक-साफ बता रहे हैं। वहीं एसीबी के सूत्रों का कहना है कि इतने बड़े स्तर पर हो रहे फर्जीवाड़े के बारे में संबंधित अधिकारियों को जानकारी न हो, ऐसा संभव नहीं है।