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फिटनेस सर्टिफिकेट घोटाला: बुराड़ी परिवहन प्राधिकरण को एसीबी का नोटिस, बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा होने की आशंका

Tue, 05 Dec 2023 12:55 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

नोटिस में एसीबी ने पूछा है कि मालवाहक वाहनों के बगैर निरीक्षण के फिटनेस प्रमाण पत्र पर असली स्टैंप कैसे लगाई गई। दस्तखत भी असली ही लग रहे हैं। दस्तावेज के सभी कागज भी प्राधिकरण के ही हैं। प्राधिकरण का कौन सा अधिकारी फिटनेस से संबंधित काम देखता है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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बुराड़ी परिवहन प्राधिकरण के फिटनेस घोटाले की हर दिन नई परतें खुल रही हैं। भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) को शुरुआती जांच में ही इस तरह के एक हजार मालवाहक वाहन मिले हैं, जिन्हें बगैर निरीक्षण के फिटनेस सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया। हैरानी की बात यह कि इसमें शामिल ज्यादातर वाहनों की हालत बेहद खराब है। अधिकारी मान रहे हैं कि फर्जीवाड़ा बड़े पैमाने पर हुआ है। इसमें हर कदम पर नियम कायदों को दरकिनार किया गया है। एसीबी सूत्र बताते हैं कि शक की सुई बुराड़ी प्राधिकरण के अधिकारियों पर भी है। इसमें वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध लग रही है। एसीबी ने सोमवार को नोटिस जारी कर फर्जीवाड़े पर जवाब मांगा है। जांच एजेंसी साथ में प्राधिकरण के जिम्मेदार अधिकारियों की भी शिनाख्त कर रही है।

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नोटिस में एसीबी ने पूछा है कि मालवाहक वाहनों के बगैर निरीक्षण के फिटनेस प्रमाण पत्र पर असली स्टैंप कैसे लगाई गई। दस्तखत भी असली ही लग रहे हैं। दस्तावेज के सभी कागज भी प्राधिकरण के ही हैं। प्राधिकरण का कौन सा अधिकारी फिटनेस से संबंधित काम देखता है। उधर, 26 नवंबर को गिरफ्तार माल वाहक कंपनी के वर्कशाप आरटीओ प्रबंधक सुरजीत, बिचौलिया कुंदन कुमार व एजेंट सचिन को रिमांड पर लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। इनसे मिली जानकारी के आधार पर एसीबी की टीम ने हरियाणा व दिल्ली में कई जगहों पर छापे मारे। इसमें एजेंट सचिन के ठिकानों से कई दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

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न डाटा है और न ही कोई वीडियो रिकॉर्डिंग मिली
मालवाहक वाहनों का फिटनेस प्रमाण पत्र लेने के लिए सबसे पहले वाहन को जिस कंपनी का वाहन है, उसके फिटनेस सेंटर में ले जाया जाता है। यहां पर वाहन के स्पीड गवर्नर को देखा जाता है। साथ ही अन्य तकनीकी पहलुओं का भी निरीक्षण होता है। इस प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी होती है। यहां पर जांच के बाद आरटीओ प्रबंधक प्रमाण पत्र देता है। फिर उक्त प्रमाण पत्र को प्राधिकरण में जमा कराया जाता है, यहां पर संबंधित अधिकारी स्टैंप लगाकर फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करता है। अधिकारियों के अनुसार, कितने वाहनों का निरीक्षण हुआ इसका डाटा फिटनेस सेंटरों को रखना होता है, लेकिन जांच में सामने आया है कि फिटनेस सेंटरों में एक भी नियम का पालन नहीं किया गया है। फिटनेस सेंटरों में न तो डाटा है और न ही कोई वीडियो रिकॉर्डिंग मिली है।

बुराड़ी प्राधिकरण के अधिकारी अपने को बता रहे पाक-साफ
बुराड़ी प्राधिकरण में वाहन निरीक्षण यूनिटी (वीआईयू) द्वारा वाहनों के फिटनेस का काम देखा जाता है। यहां तैनात अधिकारी अपने को उक्त मामले में पाक-साफ बता रहे हैं। वहीं एसीबी के सूत्रों का कहना है कि इतने बड़े स्तर पर हो रहे फर्जीवाड़े के बारे में संबंधित अधिकारियों को जानकारी न हो, ऐसा संभव नहीं है।
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